ग्रामीणों को हो रही आने जाने में असुविधा पहुंच मार्ग हुआ गड्ढे पत्थरों में तब्दील

छबिलाल राजेंद्रग्राम

भालू छुआ मार्ग जर्जर सड़क में ग्रामीणों को आने जाने में असुविधा हो रही है यह मार्ग भालू छुआ व परसेल के ग्रामीण जनो को आने-जाने  में सहज एवं सही मार्ग बताया जाता है जो कि यह मार्ग सीधा भालू चूहा से जरही के लिए निश्चित है और जरही से राजेंद्रग्राम के लिए मुख मार्ग तैनात है जिसमें कच्ची सड़क  व घाट चढ़ने में हो रही परेशानियों का सामना करते है।

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 ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता चलने पर डर के कारण भय बना रहता है अगर गलती से पैर फिसल जाए व एक पत्थर गिर जाए तो जान जोखिम में हो सकता है लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी पंचायत अधिकारियों को तनिक भी ग्रामीणों का परवाह नहीं है।

इन ग्रामीणों के लोग करते हैं जर्जर सड़क में आवागमन 

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ग्रामीणों के द्वारा बताया गया की इस जर्जर मार्ग पर लगभग 5 से 6 ग्राम पंचायतो के ग्रामीणों का आवागमन रहता है जैसे भालू चूआ, परसेल कला, मौहारी, के पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भी आवा गमन रहता है जो की शासकीय हाई स्कूल जरही में स्थित है बच्चे अपना समस्या किसको बताएं कोई सुनने वाला ही नहीं है। और सबसे ज्यादा बरसात के मौसम में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है

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