उज्जैन सिंहस्थ 2028: पुलिस को मिला ‘ब्रह्मास्त्र’, 4S मॉडल से आसान होगा भीड़ प्रबंधन

उज्जैन 
 सिंहस्थ 2028 को लेकर पुलिस की तैयारियां अभी से तेज हो गई हैं. उज्जैन के एक निजी होटल में डीजीपी कैलाश मकवाना की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों विशेष बैठक आयोजित हुई. इसमें 4S मॉडल के साथ रणनीति तैयार की गई. पुलिस का फोकस रोजाना लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात पर है.

शिप्रा के घाटों तक आसान होगी पहुंच

उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया "एक रिपोर्ट सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है. जल्द ही पीटीएस और उज्जैन पुलिस फोर्स की ट्रेनिंग शुरू होगी. हम AI का उपयोग, गूगल ट्रैफिक मैनेजमेंट, ड्रोन, फेस रिकॉग्निशन, पार्किंग L1, L2, L3 स्तर की स्मार्ट पार्किंग सभी मूल विषयों पर लगातार चर्चा और नवाचार कर रहे हैं."

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इसके अलाावा "शिप्रा के घाटों तक श्रद्धलुओ का आसानी से आवागमन के लिए रणनीति बनाई जा रही है. उज्जैन के आसपास के जिलों से समन्वय बनाकर सड़क मार्ग, पार्किंग व अन्य पर विषयों पर चर्चा की जाएगी. श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं."

क्या है 4s मॉडल, कैसे काम करता है

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया "अनुभव, संवेदनशीलता, समन्वय और भविष्य की रणनीति तैयार करना 4s मॉडल है, जिसमे sharing of experience, sensitization with the development, synergy in the team, strategy for the future है. सिंहस्थ के दौरान चुनौतियां, तैयारियां, भीड़ एवं यातायात प्रबंधन, बल और सामग्री प्रबंधन (लॉजिस्टिक्स) को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मंथन किया गया है."

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सेमिनार का उद्घाटन DG EOW उपेंद्र जैन द्वारा किया गया. उन्होंने अलग-अलग व्यवस्थाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की आवश्यकता पर बल दिया.

प्रयागराज कुंभ के अनुभवों पर चर्चा

बैठक में प्रयागराज कुंभ के अनुभवों पर चर्चा हुई. बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अलग-अलग जिलों के पुलिस अधीक्षक सहित कुल 52 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए. सभी ने प्रयागराज कुंभ मॉडल को भी आगामी सिंहस्थ 2028 के लिए समझा. स्थानीय संसाधन और लोगों भूमिका भी इसमें अहम विषय है. बैठक में पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए, जिनमें 2004 एवं 2016 के सिंहस्थ की चुनौतियों एवं व्यवस्था पर चर्चा की गई.

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वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने अनुभव साझा किए

मीटिंग में आईजी राकेश गुप्ता के साथ ही सेवानिवृत्त आईजी मनोहर वर्मा, सिवनी एसपी सुनील मेहता और इंदौर के एडिशनल सीपी राजेश सिंह ने अपने सुझाव रखे. इस दौरान टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई की डीन प्रो. मधुश्री शेखर द्वारा सॉफ्ट स्किल्स की आवश्यकता पर प्रेजेंटेशन दिया गया. 

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