सवा दो साल में 18 आईएएस-आईपीएस पर एक्शन, प्रशासनिक लापरवाही पर सीएम मोहन ने लिया सख्त फैसला

भोपाल 

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक संदेश देते हुए गुना के एसपी अंकित सोनी और सीधी के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को लापरवाही के मामले में हटाया है। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि गंभीर चूक पर सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है।

दरअसल, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही डॉ. यादव ने अपनी कार्यशैली में सख्ती का रुख अपनाया है। करीब सवा दो साल के कार्यकाल में उन्होंने अब तक 10 आईएएस व 8 आईपीएस अफसरों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।

अब तक कम से कम 9 ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वरिष्ठ आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं।

रिश्वत कांड में गुना एसपी, दफ्तर में नहीं बैठने पर सीधी कलेक्टर पर कार्रवाई
मुख्यमंंत्री ने गुना एसपी अंकित सोनी को 22 मार्च को उनके जिले में गुजरात के व्यापारी से एक करोड़ रुपए जब्त करने के बाद पुलिस द्वारा बीस लाख रुपए लेकर छोड़ देने और कोई कार्यवाही नहीं करने पर हटा दिया है। यहां थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड भी हुए हैं।

इसी तरह सीधी जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी शिकायतों पर हटाया गया है। दावा किया जा रहा है कि सोमवंशी कलेक्टर दफ्तर में नाम मात्र बैठते थे। वे अकसर शाम को कुछ देर के लिए ही दफ्तर आते थे। इससे लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। यह भी सूचना है कि सीधी सांसद के एक प्रोजेक्ट पर फायर एनओसी रोक रखी थी।

आनंदपुर साहिब ट्रस्ट रिश्वतकांड : अशोकनगर कलेक्टर को हटाया
अशोकनगर में आनंदपुर साहिब ट्रस्ट के खिलाफ कार्यवाही में रिश्वत के आरोप के चलते 24 जनवरी को अशोकनगर कलेक्टर रहे आदित्य सिंह को हटा दिया था। हालांकि बाद में ट्रस्ट की ओर से कलेक्टर के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं किए जाने की बात मीडिया से कही गई थी।

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सिंह की जगह कर्मचारी चयन मंडल में पदस्थ साकेत मालवीय को अशोकनगर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। आदित्य सिंह ने चुनाव आयोग की एसआईआर की कार्यवाही में प्रदेश में सबसे अच्छा काम किया था।

दूषित पानी से मौतें : इंदौर निगमायुक्त, अपर आयुक्त पर कार्रवाई
इंदौर के भागीरथपुरा में सीवर युक्त पानी की सप्लाई के बाद हुई 23 मौतों के बाद 2 जनवरी को नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया गया। उन्हें पहले ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव फिर पर्यटन निगम में नियुक्ति दी गई। इसी दिन नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटाकर मंत्रालय में उपसचिव पदस्थ किया गया।

अगले दिन 3 जनवरी को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी क्षितिज सिंघल को निगमायुक्त और आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक को अपर आयुक्त बनाकर भेजा।

मऊगंज गड़रा हत्याकांड : कलेक्टर-एसपी को हटाया
15 मार्च 2025 को मऊगंज के गड़रा गांव में विवाद में पुलिसकर्मी की हत्या और तनाव के बाद 18 मार्च को कलेक्टर और एसपी को बदला।

कलेक्टर अजय श्रीवास्तव को हटाकर उप सचिव लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ किया गया और उनकी जगह 2015 बैच के आईएएस संजय कुमार जैन को कलेक्टर बनाया गया।एसपी रसना ठाकुर को हटाकर एआईजी पीएचक्यू भोपाल भेजा गया था। रसना की जगह दिलीप कुमार सोनी को एसपी बनाया।

गड़रा गांव में आदिवासी परिवार द्वारा बंधक बनाए गए युवक सनी द्विवेदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी जिसे बचाने गई पुलिस टीम पर हुए हमले में एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत हुई थी तथा तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

सागर में दीवार गिरी : कलेक्टर-एसपी, एसडीएम पर कार्रवाई
सागर जिले के शाहपुर में मकान की दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। सरकार ने 4 अगस्त 2024 को कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी और एसडीएम संदीप सिंह को हटा दिया। आर्य को पहले मंत्रालय पदस्थ किया, सात दिन बाद एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का सीईओ बना दिया था।

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दूसरी ओर एसपी अभिषेक तिवारी को हटाने के बाद यह बात सामने आई थी कि वे घटना से 15 दिन पहले से विदेश में थे। वे 5 महीने पहले से तबादला चाह रहे थे। केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी होने के बावजूद सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी। हालांकि छुट्‌टी से लौटने के बाद रिलीव कर दिया गया।

ड्राइवर की औकात पर हटाया था शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को

देश भर में ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के बीच 2 जनवरी 2024 को शाजापुर कलेक्टर और ड्राइवर्स की बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें कलेक्टर मीटिंग के दौरान एक ड्राइवर से 'औकात' पूछते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद में कलेक्टर ने अफसोस प्रकट किया।

हालांकि सरकार ने 3 जनवरी को उन्हें हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया कर दिया। 25 दिन बाद 28 जनवरी को उन्हें वन विभाग में उप सचिव बनाकर भेजा।

हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद पहले एसपी फिर कलेक्टर को हटाया
हरदा में 7 फरवरी 2024 को पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत और 75 से अधिक घायल होने पर पहले एसपी संजीव कुमार कंचन और फिर कलेक्टर ऋषि गर्ग को हटा दिया था। कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नवीन कुमार बरवा को निलंबित किया गया था।

कलेक्टर ऋषि गर्ग को उपसचिव मध्यप्रदेश शासन बनाया गया, जबकि एसपी संजीव कुमार को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाकर भेजा गया।

सिवनी में गोवंश की हत्या के बाद हटाए गए थे कलेक्टर सिंघल, एसपी राकेश
सिवनी जिले के धूमा थाना व धनौरा क्षेत्र में 50 से ज्यादा गोवंश की हत्या कर शव फेंक दिए गए थे। जून 2024 के इस घटनाक्रम से सिवनी बंद के हालात बने थे और इसका असर पड़ोसी जिले मंडला पर भी पड़ा था।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी कलेक्टर क्षितिज सिंघल और एसपी राकेश कुमार सिंह को 23 जून को हटा दिया था। सिंघल को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध संचालक बनाया गया था।

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वहीं रीवा नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को सिवनी कलेक्टर बनाकर भेजा था। संस्कृति फिलहाल भोपाल नगर निगम की आयुक्त हैं।

इसी तरह एसपी राकेश कुमार सिंह को हटा कर पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया। वे फिलहाल छिंदवाड़ा एसपी हैं। उस समय इंदौर देहात के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता को सिवनी का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया था।

गुना में बस में आग लगी कलेक्टर, एसपी और परिवहन आयुक्त को हटाया
डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के 15 दिन के भीतर 27 दिसम्बर 2023 को गुना जिले में बस में आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गई थी। सीएम ने 28 दिसम्बर को गुना कलेक्टर तरुण राठी और एसपी विजय कुमार खत्री के साथ ही परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा को हटा दिया था।

इसके साथ ही आरटीओ रवि बरेलिया और गुना के चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर बीडी कतरोलिया को सस्पेंड कर दिया गया था। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह से परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया। परिवहन विभाग में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अरुण कुमार सिंह की सेवाएं भी सामान्य प्रशासन विभाग में वापस की गई।

कलेक्टर राठी को एक माह तक नई जिम्मेदारी के लिए इंतजार करना पड़ा था। उन्हें 28 जनवरी को जारी आदेश में वाल्मी (वाटर एंड लैण्ड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट) के संचालक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

सीएसपी के पति की शिकायत पर कटनी एसपी अभिजीत रंजन को हटाया
कटनी जिले के एसपी अभिजीत रंजन जिले में पदस्थ सीएसपी को लेकर विवादों में रहे थे। सीएसपी के तहसीलदार पति और उनके परिजनों ने इसकी शिकायत सीएम, डीजीपी समेत अन्य सभी अधिकारियों को की थी। जब लंबे समय तक विवाद चला तो जून 2025 में कटनी एसपी रंजन को पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया।

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