LPG की किल्लत में इलेक्ट्रिक चूल्हा है तगड़ा विकल्प, जानें 1 घंटे इस्तेमाल करने पर कितना आएगा बिजली बिल

 LPG सिलेंडर की कमी के बीच अब लोग खाना बनाने के लिए अलग-अलग ऑप्शन तलाश रहे हैं. कई लोगों ने इंडक्शन कुकटॉप खरीद लिए हैं तो कुछ इंफ्रारेड चूल्हों से काम चला रहे हैं. गैस स्टोव का एक सस्ता ऑप्शन इलेक्ट्रिक चूल्हा भी है. यह एक इलेक्ट्रिक चारकोल बर्नर होता है, जो बिजली की मदद से चलता है. इसकी कीमत भी एकदम सस्ती होती है और इससे करंट आने का भी डर नहीं रहता. आज हम आपको बताएंगे कि यह काम कैसे करता है और एक घंटे तक यूज करने पर कितनी बिजली की खपत करता है.

कोयले की मदद से काम करता है इलेक्ट्रिक चूल्हा
इलेक्ट्रिक चारकोल बर्नर यानी बिजली की मदद से कोयले को जलाकर काम करने वाला चूल्हा. यह एक तरह का इलेक्ट्रिक स्टोव होता है, जो कोयले को गर्म करने के लिए बनाया गया है. यह बिजली से कोयले को गर्म करता है. कोयला गर्म होने पर यह हीट जनरेट करने लगता है, जिससे चाय बनाने से लेकर खाना तक पकाया जा सकता है.

ये भी पढ़ें :  STF ने मार गिराए गए मुस्तफा कग्गा गैंग के 4 बदमाश, शामली में हुई मुठभेड़

1 घंटे में कितनी बिजली की खपत करेगा इलेक्ट्रिक चूल्हा?
इलेक्ट्रिक चूल्हे की बिजली खपत उसके बर्नर पर निर्भर करती है. मोटे तौर पर यह अंदाजा लगाया जाता है कि मीडियम से बड़े बर्नर वाले चूल्हे लगातार एक घंटे तक चलने पर एक यूनिट बिजली की खपत करते हैं. अगर ज्यादा बड़ा बर्नर होगा तो उसकी बिजली खपत भी बढ़ जाएगी. ऐसे में अगर आप एक यूनिट के 8 रुपये दे रहे हैं तो यह एक घंटे में 8 रुपये की बिजली की खपत करेगा.

ये भी पढ़ें :  2 जून से बनेगा हंस राजयोग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी
इलेक्ट्रिक चूल्हे की बिजली की खपत का हिसाब देखते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बहुत ही कम मौकों पर ये लगातार एक घंटे तक चलते हैं. आमतौर पर 5-7 मिनट में कोयला गर्म हो जाता है, जिसके बाद चूल्हे को बिजली की जरूरत नहीं रहती. इसी तरह हीट सेटिंग को कम कर भी बिजली की बचत की जा सकती है. इस तरह देखा जाए तो इलेक्ट्रिक चारकोल बर्नर पर खाना बनाना काफी सस्ता होता है.

ये भी पढ़ें :  बैंक अकाउंट से अपने आप कट रहे पैसे? AutoPay नहीं चाहिए तो Google Pay, PhonePe और Paytm में ऐसे करें बंद

कम लागत के अलावा और भी हैं इलेक्ट्रिक चूल्हे के फायदे
इलेक्ट्रिक चूल्हे पर इंडक्शन की तरह अलग से बर्तनों की जरूरत नहीं पड़ती. इस पर हर प्रकार के बर्तनों को यूज किया जा सकता है. इसे यूज करते समय आग की लपटें नहीं निकलती तो इसे यूज करना एकदम आसान है. कोयले का यूज होने के बावजूद इससे धुआं नहीं निकलता और यह खाना भी जल्दी पका देता है. हल्का होने के कारण इसे कहीं भी ले जाना आसान है.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment