समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तैयारी पूरी, 78 लाख मीट्रिक टन है उपार्जन का लक्ष्य : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। मंत्री  राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार के रूप में किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसानों को इस वर्ष 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है।

मंत्री  राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा।

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मंत्री  राजपूत ने जानकारी दी कि राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। सत्यापन पूर्ण होने के बाद किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे किसान अपनी उपज बिना किसी असुविधा के उपार्जन केन्द्रों पर बेच सकें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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मंत्री  राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो।

50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन

मंत्री  राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया गया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी।

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मंत्री  राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।

प्रदेश में देश की सर्वाधिक कवर्ड भंडारण क्षमता

मध्यप्रदेश में देश की सर्वाधिक लगभग 400 लाख मीट्रिक टन की कवर्ड भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें से लगभग 103 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता खाली है, जो इस वर्ष निर्धारित गेहूं उपार्जन के लक्ष्य से अधिक है।

 

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