वन विभाग का मास्टरप्लान, जयपुर के झालाना और नाहरगढ़ को मिलाकर बनेगा स्वतंत्र प्रभाग

जयपुर

 राजस्थान की राजधानी जयपुर और इसके आसपास के जंगलों की तस्वीर अब बदलने वाली है। वन्यजीवों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने और प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने के लिए वन विभाग ने एक व्यापक पुनर्गठन योजना तैयार की है। इस मास्टरप्लान के तहत जयपुर के मशहूर वन्यजीव पर्यटन स्थलों को मिलाकर एक स्वतंत्र वन प्रभाग बनाने का प्रस्ताव है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि लेपर्ड और अन्य वन्यजीवों की निगरानी भी अधिक विशेषज्ञता के साथ हो सकेगी।

झालाना और नाहरगढ़ का नया 'प्रशासनिक अवतार'
प्रस्ताव के अनुसार, जयपुर के गौरव झालाना लेपर्ड रिजर्व, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य और हाथी गांव को एक साथ जोड़कर एक स्वतंत्र वन प्रभाग बनाया जाएगा। इस प्रभाग की कमान भारतीय वन सेवा के एक समर्पित अधिकारी के हाथों में होगी। 200 वर्ग किलोमीटर से अधिक फैले इस क्षेत्र में वन्यजीव प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन और पर्यटन प्रशासन की जिम्मेदारी इसी प्रभाग की होगी। झालाना और हाथी गांव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के नक्शे पर आ चुके हैं। एक अलग प्रभाग होने से यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और लेपर्ड के आवास की सुरक्षा अधिक वैज्ञानिक तरीके से हो पाएगी।

ये भी पढ़ें :  शहनाज अख्तर ने किए महाकाल के दर्शन, भेंट किए 2 लाख रुपए

सरिस्का टाइगर रिजर्व का होगा विस्तार
एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव सरिस्का टाइगर रिजर्व को लेकर है। बाघों की बढ़ती संख्या और उनके मूवमेंट को देखते हुए बीलवाड़ी, विराट नगर, थानागाजी और अजबगढ़ के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक नया STR-2 प्रभाग बनाने की तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक, सरिस्का के बाघ अक्सर इन क्षेत्रों में निकल आते हैं। इन्हें एक समर्पित यूनिट के तहत लाने से बाघों की ट्रैकिंग आसान होगी और यह क्षेत्र सरिस्का के लिए एक मजबूत 'बफर जोन' का काम करेगा।

ये भी पढ़ें :  देश में पहली बार शाजापुर में अनोखी पहल, हेलीकॉप्टर से हांका कर हिरणों को पकड़ा गया

अवैध खनन पर लगेगी लगाम
योजना के तहत दौसा, बांदीकुई, जमवारामगढ़ और रायसर रेंजों को जयपुर वन्यजीव प्रभाग से अलग कर एक नई प्रशासनिक इकाई बनाने का भी सुझाव है। इन क्षेत्रों में पहले अवैध खनन की शिकायतें आती रही हैं। नई इकाई बनने से वन विभाग की टीम अधिक केंद्रित होकर निगरानी कर सकेगी और त्वरित कार्रवाई संभव होगी।

ये भी पढ़ें :  रियलिटी शो 'बिग बॉस' मलयालम के सातवें सीजन में में आ रही है लेस्बियन कपल !

12 से अधिक नई वन रेंज
पुनर्गठन की इस लहर में नए प्रस्तावित जिलों में एक दर्जन से अधिक नई वन रेंज बनाने की भी परिकल्पना की गई है। प्रत्येक रेंज की जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित होंगे। यह योजना काफी हद तक पूरी हो चुकी है और अब केवल औपचारिक सरकारी मंज़ूरी का इंतजार है।

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment