देवरिया में बरहज एसडीएम निलंबित, जांच के आदेश जारी

 देवरिया

यूपी में राज्य सरकार ने बरहज देवरिया के उप जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। तहसील बरहज के ग्राम लक्ष्मीपुर में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाली व नलकूप की जमीन पर पक्की सड़क का निर्माण कराने और धक्का-मुक्की के कारण मृत्यु की घटना की प्रारंभिक जांच कराई गई थी। यह जांच अपर आयुक्त प्रशासन गोरखपुर पुलिस अधीक्षक नगर गोरखपुर और अपर जिलाधिकारी नगर गोरखपुर की तीन सदस्यीय कमेटी ने की थी।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में लापरवाही के लिए प्रथमदृष्टया विपिन कुमार द्विवेदी को जिम्मेदार ठहराया गया है। उनके खिलाफ नियम-7 के तहत जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। प्रयागराज के कमिश्नर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। विपिन कुमार द्विवेदी को राजस्व परिषद से संबंध कर दिया गया है।

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तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष को धमकाने का आरोप
देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर में रविवार को चकनाली पर सड़क निर्माण के विवाद के दौरान दिल का दौरा पड़ने से अधिवक्ता संघ बरहज के पूर्व अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार सिंह की मौत हो गई थी। परिजनों के आरोप थे कि एसडीएम बरहज ने विवाद के दौरान अधिवक्ता को धमकाया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बरहज तहसील में दर्जनों अधिवक्ता एकत्र हो गए और शव रख कर हंगामा किया था। कुछ लोगों ने एसडीएम को बंधक बनाकर नारेबाजी भी की थी। इस संबंध में एसडीएम विपिन द्विवेदी का कहना है कि वह विवाद सुलझा कर लौट आए थे उसके बाद अधिवक्ता का निधन हुआ। धमकाने का आरोप गलत है।

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जानकारी के अनुसार बरहज क्षेत्र की ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर में पंचायत द्वारा चकनाली पर सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। रोड व चकनाली अधिवक्ता बृजेन्द्र सिंह के दरवाजे से होकर जाती है। चकनाली पर सड़क निर्माण का वह विरोध कर रहे थे। यह विवाद तीन माह से चल रहा है। उसी विवाद के समाधान के लिए उपजिलाधिकारी विपिन द्विवेदी राजस्व टीम के साथ मौके पर गए थे। वहां पर विवाद होने लगा। उसी दौरान बृजेन्द्र कुमार सिंह को दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक एसडीएम ने अधिवक्ता और उनके बेटों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 20 साल के लिए जेल भेजने की धमकी दी थी। एसडीएम की बात सुनते ही बृजेन्द्र सिंह नीचे गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

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बता दें कि उनके परिवार और अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। अधिवक्ता मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने के साथ ही एसडीएम, लेखपाल और ग्राम प्रधान पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उसी दौरान हिंदूवादी नेता प्रमोद सिंह के नेतृत्व में भीड़ ने एसडीएम रुद्रपुर को बंधक बनाया था। 15 मिनट की मशक्कत के बाद सीओ रुद्रपुर ने भीड़ से एसडीएम को छुड़ाया था।

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