Kawardha में जल्द शुरू होगी जंगल सफारी, 35 किमी रूट पर 22 बार नदी पार करने का रोमांच

कवर्धा.

प्रकृति प्रेमियों के लिए सुकूनभरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर क्षेत्र में अब भोरमदेव अभयारण्य के तहत जंगल सफारी की शुरुआत हो रही है।

करीब 352 स्क्वायर वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य में भोरमदेव रेंज के अंतर्गत 35 किलोमीटर लंबा सफारी रूट तैयार किया गया है। वन विभाग ने इसकी लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इस महीने के अंत में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इस जंगल सफारी का शुभारंभ करेंगे।

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जानिए जंगल सफारी की क्या है खासियत
सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी की गई है। फिलहाल 3 सफारी वाहन उपलब्ध हैं, जिनमें एक वाहन में 6 पर्यटक, साथ में ड्राइवर और गाइड यात्रा करेंगे। इस रोमांचक सफारी के दौरान पर्यटक घने जंगल, पहाड़, झरने, नदी-नाले और प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद ले सकेंगे। खास बात यह है कि इस सफारी रूट में एक संकरी नदी को लगभग 22 बार पार करना पड़ेगा, जो इसे और भी रोमांचक बनाता है। इसके अलावा कैंपिंग की भी सुविधा विकसित की जा रही है।

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वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद खास है जगह
डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव अभयारण्य में टाइगर, तेंदुआ, हिरण, हाथी, नीलगाय, वन भैंसा, रंग बिरंगे तीतिलिया और सांभर , भालू, जैसे वन्य प्राणी विचरण करते हैं( अभी हाल में 3 टाइगर और 3 तेंदुआ शिकार करते कैमरे में कैद हुए हैं, जिससे वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह जगह बेहद खास बन जाती है।

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स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
डीएफओ ने कहा, जंगल सफारी शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सफारी पूरी करने के बाद पर्यटकों को उसी मार्ग से वापस करियाआमा गेट तक लाया जाएगा, जहां पार्किंग, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। कुल मिलाकर, भोरमदेव अभयारण्य की जंगल सफारी छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण जोड़ने जा रही है।

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