भारत समेत कई देशों में इंटरनेट पर बड़ा खतरा, क्या तारों पर अटैक करेगा ईरान? रिपोर्ट से मचा हड़कंप

नई दिल्ली

ईरान के निशाने पर अब दुनिया का इंटरनेट कनेक्शन हो सकता है। खबर है कि IRGC यानी इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड्स कोर से जुड़ी तस्नीम एजेंसी ने फारस की खाड़ी में समुद्र के अंदर मौजूद इंटरनेट केबल का नक्शा जारी कर ऐसे संकेत दिए हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। आशंका जताई जा रही है कि इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है।

इंटरनेट केबल्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का एक नक्शा तस्नीम की तरफ से जारी किया गया है। अब इस कदम को चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है कि फारस की खाड़ी पर अब डिजिटल अटैक किया जा सकता है। बुधवार को प्रकाशित इस रिपोर्ट में खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में स्ट्रेट को न सिर्फ एनर्जी के लिहाज से अहम रास्ता बताया गया है। बल्कि, समुद्र के नीचे बिछी केबल्स के लिए भी एक बेहद महत्वपूर्ण गलियारा माना है। ये केबल्स फारस की खाड़ी के देशों को इंटरनेट और संचार सेवाओं से जोड़ती हैं। इनमें यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब शामिल हैं।

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रिपोर्ट में चेतावनी भरे सुर
इसमें कहा गया है कि इस जलमार्ग से कई बड़े कबल सिस्टम गुजरते हैं। साथ ही कहा गया है कि ईरान के मुकाबले फारस की खाड़ी इन समुद्री मार्गों पर ज्यादा निर्भर है। खास बात है कि जारी युद्ध के समय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही निशाने पर आ चुका था। ऐसे में इस ताजा रिपोर्ट ने डिजिटल अटैक की आशंका को और तेज कर दिया है।

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भारत के लिए है चिंता की बात?
ये समुद्री नेटवर्क ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान जैसे देशों के लैंडिंग स्टेशन से गुजरता है। खास बात है कि इनमें से कई देश युद्ध की आंच का सामना कर रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि दुनिया के बड़े डेटा उपभोक्ता होने के चलते भारत की डिजिटल इकोनॉमी इन कनेक्शन पर काफी निर्भर है।

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क्या होगा असर
आशंकाएं हैं कि अगर किसी तरह की परेशानी आती है, तो लाखों यूजर्स की इंटरनेट स्पीड धीमी हो सकती है। साथ ही क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल पेमेंट सिस्टम खासे प्रभावित हो सकते हैं।

खास बात है कि इससे पहले फ्रांस की सरकारी कंपनी अल्काटेल सबमरीन नेटवर्क्स ने फोर्स मेजर नोटिस जारी कर दिए हैं। खास बात है कि इस कंपनी ने ही केबल बिछाने की जिम्मेदारी है। फोर्स मेजर का मतलब ऐसी असाधारण घटना से है, जो किसी व्यक्ति या कंपनी के नियंत्रण से बाहर हो, और उस घटना के कारण वह अपना काम या अनुबंध पूरा ना कर पाए।

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