मई में बारिश का जोरदार धमाका, IMD का अलर्ट: हीटवेव से राहत मिलने की उम्मीद

नई दिल्ली

भारत में इस साल मई का महीना असामान्य रूप से गीला होने वाला है. भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि पूरे देश में मई 2026 में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी. बारिश सामान्य स्तर से 110 फीसदी अधिक हो सकती है। 

इसका मतलब है कि जहां आमतौर पर कम बारिश होती है वहां भी इस बार खूब पानी बरसेगा. लेकिन इसके साथ गरज के साथ बादल, बिजली गिरना और तेज हवाएं भी चलेंगी जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है. कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का भी खतरा है। 

भारतीय मौसम विभाग के पास 1971 से 2020 तक का डेटा है. इस डेटा के अनुसार मई महीने में आमतौर पर उत्तर भारत और पूरे देश में 64.1 मिलीमीटर बारिश होती है. इस साल की पूर्वानुमान यह है कि बारिश इस सामान्य स्तर से 110 फीसदी ज्यादा हो सकती है. यानी करीब 70-71 मिलीमीटर या इससे भी ज्यादा हो सकती है। 

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ये असामान्य है क्योंकि मई का महीना आमतौर पर गरमी का होता है, बारिश का नहीं. मई में तो लू यानी गर्म हवाएं चलती हैं. लेकिन इस बार ये पैटर्न बदलने वाला है। 

बारिश का असर क्या होगा?
अच्छी खबर ये है कि इतनी बारिश से तापमान में कमी आएगी. जो भयंकर गर्मी आ रही थी उसमें से थोड़ी राहत मिलेगी. मिट्टी में नमी आएगी जिससे खेतों को फायदा होगा. जल स्रोतों में पानी भर जाएगा।

लेकिन बुरी खबर ये है कि बारिश समान रूप से नहीं होगी. कुछ इलाकों में कम बारिश होगी जबकि कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा होगी. पूर्व और उत्तरपूर्व भारत के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहेगी। 

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किन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश?
सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम को सबसे ज्यादा बारिश मिलेगी. यहां 5 मई तक बहुत भारी बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलेंगी. पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में भी ऐसा ही होगा। 

पश्चिमी हिमालय, उत्तर भारत के मैदान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 3 से 6 मई के बीच अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली आएगी. पूर्वी भारत और पूर्वी तट पर भी ऐसी हालत होगी। 

खतरे क्या हैं?
अगर कम समय में बहुत सारी बारिश एक साथ हो जाए तो कई शहरों में बाढ़ आ सकती है. खेतों में फसलें खराब हो सकती हैं. तेज हवाएं बिजली के खंभे और पेड़ों को गिरा सकती हैं. बिजली गिरने से लोगों को जान का खतरा हो सकता है। 

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ये मौसम क्यों अजीब है?
मई वसंत और मानसून के बीच का महीना होता है. इस समय कुछ असामान्य मौसम की घटनाएं होती हैं. लेकिन इस बार गरज और बादलों की गतिविधि सामान्य से बहुत ज्यादा होने वाली है। 

लोगों को क्या करना चाहिए?
मौसम विभाग ने कहा है कि सभी राज्यों के अधिकारियों और लोगों को अपने इलाके की मौसम सूचना पर नजर रखनी चाहिए. विशेषकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश और गरज के खतरे हैं. घरों में पानी निकास के रास्ते साफ रखें ताकि बाढ़ न आए. किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए। 

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