MP बीजेपी में बड़े बदलाव के संकेत: सत्ता-संगठन में फेरबदल, महिला डिप्टी CM की चर्चा तेज

रायपुर

छत्तीसगढ़ भाजपा में संभावित बड़े फेरबदल को लेकर चर्चा हो रही है। यहां पार्टी के अंदर सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर बदलाव की अटकलें तेज हैं। दरअसल, प्रदेश में 12 और 13 मई को दो दिन बैठकें आयोजित की गई है। 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति होगी। जहां पार्टी इसे सामान्य संगठन की बैठक बता रही है, वहीं, भाजपा के अंदर की चर्चाएं देखे तो इसे आने वाले बदलावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ भाजपा इस समय दो बड़े मुद्दों पर ध्यान दे रही है। पहला, राज्य सरकार अपने ढाई साल पूरे करने की ओर बढ़ रही है। दूसरा, संगठन के कई बड़े नेताओं का कार्यकाल खत्म होने वाला है। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के कार्यकाल को लेकर भी पार्टी में चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि संगठन में कुछ नए नेताओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है और कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई भूमिका मिल सकती है।

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भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में सरकार और संगठन के कामकाज को लेकर फीडबैक और सर्वे कराया है। इसी के आधार पर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। इसलिए अब सिर्फ छोटे बदलाव नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चा हो रही है।

सीएम विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) के नेतृत्व को लेकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा कायम बताया जा रहा है। फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले चुनाव भी उनके नेतृत्व में ही लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि, मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबर है कि 2 से 4 मंत्रियों के चेहरे बदले जा सकते हैं और उनकी जगह नए नेताओं को मौका मिल सकता है। इस बार पार्टी पुराने और वरिष्ठ विधायकों के बजाय नए चेहरों को प्राथमिकता दे सकती है।

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चर्चा यह भी है कि मंत्रिमंडल में एक और महिला मंत्री को शामिल किया जा सकता है। पार्टी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। राजनीतिक गलियारों में जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें भावना बोहरा,पुरंदर मिश्रा, सुशांत शुक्ला और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम प्रमुख है।

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वहीं, डिप्टी सीएम स्तर पर बदलाव में भाजपा एक महिला चेहरे को बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। राजनीतिक गलियारों में लता उसेंड़ी और रेणुका सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा इसके जरिए कई सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधना चाहती है। यदि किसी महिला आदिवासी या ओबीसी चेहरे को डिप्टी सीएम बनाया जाता है, तो इससे महिलाओं, आदिवासी समाज और पिछड़े वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत हो सकती है।

इसके साथ ही सरगुजा और बस्तर जैसे क्षेत्रों में राजनीतिक संतुलन बनाने में भी मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि भाजपा सिर्फ वर्तमान सरकार पर नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी और नए नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति पर भी काम कर रही है।

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