जनगणना में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने रचा रिकॉर्ड, तय समय से पहले पूरा किया लक्ष्य

​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही.

भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के कार्य में जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) ने पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. निर्धारित समय-सीमा (30 मई) से काफी पहले, 16 मई की स्थिति में ही जिले ने शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान रचा है.

​इस बड़ी उपलब्धि पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. ​उल्लेखनीय है कि जब 8 मई 2026 को कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने कार्यभार ग्रहण किया था, तब जिले में जनगणना की प्रगति मात्र 6 प्रतिशत थी.
राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने इसे मिशन मोड पर लिया. उनके निरंतर पर्यवेक्षण और कड़े नीतिगत फैसलों का ही नतीजा था कि महज 8 दिनों के भीतर (11 मई तक) आधे से अधिक ब्लॉक का काम पूरा हो गया और 16 मई को जिला प्रदेश में सबसे पहले 100% लक्ष्य हासिल करने वाला जिला बन गया.

ये भी पढ़ें :  नक्सलियों के शांति वार्ता के प्रस्ताव पर साय सरकार बातचीत को राजी

​कलेक्टर ने बताया कि इस सफलता के पीछे जमीनी अमले का कड़ा परिश्रम है. कार्य की प्रगति को गति देने के लिए उन्होंने बीच में ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था, जिससे पूरी टीम का उत्साह दोगुना हो गया. इस पूरे महाअभियान में 513 प्रगणक और 85 पर्यवेक्षक मुस्तैदी से जुटे हुए थे.

​कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने इस सफलता के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम की पीठ थपथपाई है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं. अमित बेक (जिला जनगणना अधिकारी), ​विक्रांत अंचल (अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, पेंड्रारोड) ,​देवेंद्र सिरमौर (अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, मरवाही), ​चार्ज जनगणना अधिकारी शेषनारायण जायसवाल (पेंड्रारोड ग्रामीण), प्रीति शर्मा (मरवाही ग्रामीण), अविनाश कुजूर (पेंड्रा ग्रामीण), दशोदा अर्मो (सकोला ग्रामीण), नारायण साहू (गौरेला नगरीय) और अमलदीप मिंज (पेंड्रा एवं मरवाही नगरीय) मुख्य रूप से रहे.

ये भी पढ़ें :  लोकसभा में नक्सलमुक्त भारत पर गरमाई बहस, CM साय बोले- 4 दशक की बाधाओं का होगा हिसाब

​कलेक्टर का कहना है कि यह सफलता निरंतर समीक्षा और हमारी टीम के कठिन परिश्रम का परिणाम है. मैं इस कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करने के लिए जिले की आम जनता, जनप्रतिनिधियों और मीडिया साथियों का सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ कार्य पूरा करने की अवधि 1 से 30 मई थी, जिसे 14 दिन पहले ही 16 मई को पूरा कर लिया गया. 8 मई को जो काम केवल 6% था, वह 100% मुकाम पर पहुँचा. 513 प्रगणकों और 85 पर्यवेक्षकों ने दिन-रात एक कर जिले को प्रदेश में नंबर-1 बनाया.

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 11 दिसम्बर को पखांजूर में देंगे 02 अरब 54 करोड़ 15 लाख रूपए के 68 विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने दी जिला प्रशासन को बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनगणना कार्य में अव्वल रहने पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन को बधाई दी है. उन्होंने कहा, हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है. आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे. डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है. जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें.

Share

Leave a Comment