शुभमन गिल की कप्तानी में बना नया रिकॉर्ड, भारत की टेस्ट इतिहास की 5 सबसे बड़ी जीतें

 मुल्लांपुर
भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर में खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच भारतीय क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद अफगानिस्तान को दोनों पारियों में बैक-टू-बैक बेहद सस्ते में समेट दिया। इस ऐतिहासिक और घातक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से अपनी अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। आइए नजर डालते हैं टेस्ट क्रिकेट में भारत की पारियों के अंतर से मिली 5 सबसे बड़ी जीतों पर।

पारी और 300 रनों से जीत (बनाम अफगानिस्तान, मुल्लांपुर, 2026)
भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ आई है। पहली पारी में 8 विकेट पर 564 रन बनाकर पारी घोषित करने के बाद, भारतीय गेंदबाजों ने अफगानिस्तान की पहली पारी को 152 रन और दूसरी पारी को महज 112 रन पर ढेर कर दिया। अपनी ही कप्तानी के डेब्यू मैच में शुभमन गिल की अगुवाई वाली इस टीम ने विपक्षी टीम को फॉलोऑन देते हुए एक पारी और 300 रनों के अविश्वसनीय अंतर से धूल चटाई जो भारत की टेस्ट इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत है।

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पारी और 272 रनों से जीत (बनाम वेस्टइंडीज, राजकोट, 2018)
इस ऐतिहासिक मैच से पहले रनों के मामले में भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के खिलाफ था। साल 2018 में राजकोट के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने कैरेबियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। भारत ने इस मैच को एक पारी और 272 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम किया था जिसे अब मुल्लांपुर टेस्ट के शानदार प्रदर्शन ने दूसरे स्थान पर धकेल दिया है।

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पारी और 262 रनों से जीत (बनाम अफगानिस्तान, बेंगलुरु, 2018)
अफगानिस्तान की टीम के खिलाफ भारत का दबदबा नया नहीं है। इससे पहले साल 2018 में जब अफगानी टीम अपना ऐतिहासिक डेब्यू टेस्ट मैच खेलने बेंगलुरु आई थी तब भी भारतीय टीम ने उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया था। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए उस मैच को भारत ने महज दो दिनों के भीतर एक पारी और 262 रनों के बड़े अंतर से जीतकर अपने नाम किया था।

पारी और 239 रनों से जीत (बनाम बांग्लादेश, मीरपुर, 2007)
भारतीय टीम की चौथी सबसे बड़ी टेस्ट जीत पड़ोसी देश बांग्लादेश के खिलाफ आई थी। साल 2007 में मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में दमदार प्रदर्शन किया था। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में खेलते हुए भारतीय टीम ने बांग्लादेशी सरजमीं पर मेजबान टीम को एक पारी और 239 रनों के करारे अंतर से शिकस्त दी थी।

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पारी और 239 रनों से जीत (बनाम श्रीलंका, नागपुर, 2017)
जीत के इसी अंतर (पारी और 239 रन) के साथ भारतीय टीम ने साल 2017 में श्रीलंका को भी पटखनी दी थी। नागपुर में खेले गए इस टेस्ट मैच में विराट कोहली के दोहरे शतक और गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने श्रीलंकाई टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया था। यह जीत आज भी रनों के लिहाज से संयुक्त रूप से भारत की पांचवीं सबसे बड़ी टेस्ट जीत के रूप में दर्ज है।

 

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