मोदी सरकार के 12 साल पर कैबिनेट का बड़ा फैसला, अहमदाबाद मेट्रो समेत कई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

नई दिल्ली

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2A प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी. यह प्रोजेक्ट कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 6 किलोमीटर का विस्तार है और इसकी अनुमानित लागत 2,169 करोड़ रुपये है. कैबिनेट की बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का मकसद अहमदाबाद में शहरी आवागमन को बेहतर बनाना और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर व डेवलपमेंट हब (जिनमें प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स की सुविधाएं भी शामिल हैं) तक कनेक्टिविटी को बेहतर करना है। 

यह एक्सटेंशन बनने वाले कॉमनवेल्थ एन्क्लेव को एयरपोर्ट से जोड़ेगा, जिससे एथलीटों, अधिकारियों, आने वाले लोगों और निवासियों के लिए आसानी से आना-जाना मुमकिन हो जाएगा. अहमदाबाद 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने वाला है। 

अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार
अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के विस्तार में करीब 2169 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है. इसमें करीब 2500 लोगों को रोजगार भी मिलेगा. यह परियोजना पूरी होते ही अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो रूट का विस्तार 77.63 किलोमीटर तक हो जाएगा। 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी दी. वैष्णव ने कहा, पंडित नेहरू एक बहुत बड़े राजनीतिक परिवार से आए थे. हमें अंग्रेजों से अभी-अभी आजादी मिली थी. माहौल और सोच अलग थी, जिन लोगों का कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं था, जो बहुत साधारण परिवारों से आए थे और जिन्होंने अपने काम से देश को आगे बढ़ाया, देश ने उन पर भरोसा किया। 

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रेल मंत्री ने कहा, आज पीएम मोदी ने एक चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने का नया रिकॉर्ड बनाया है. इस मौके पर केंद्रीय कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पास किया है. इस प्रस्ताव में पीएम मोदी के देश के लिए एक चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार सेवा के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर चर्चा की गई है और कई वादों और संकल्पों की रूपरेखा बताई गई है. 10 जून 2026 भारतीय लोकतंत्र की यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण है. आज नरेंद्र मोदी देश की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं. प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 4399 दिनों तक सेवा करने का रिकॉर्ड बनाया है. यह एक ऐसा पड़ाव है जिसे आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार हासिल किया गया है। 

कॉरिडोर के स्टेशनों के नाम
इस कॉरिडोर की लंबाई 6.032 किलोमीटर होगी और इसमें 05 स्टेशन (04 एलिवेटेड और 01 अंडरग्राउंड) होंगे. फेज 2(A) के चालू होने पर, अहमदाबाद-गांधीनगर में 77.63 किलोमीटर का एक्टिव मेट्रो रेल नेटवर्क हो जाएगा. फेज 2(A) कॉरिडोर के स्टेशनों के नाम हैं- आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती नदी, सरदार नगर और एयरपोर्ट. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की कुल लागत (IDC – यानी निर्माण के दौरान लगने वाले ब्याज सहित) 2,169.04 करोड़ रुपये होगी। 

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फायदे और विकास को बढ़ावा
अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का फ़ेज 2(A) शहर के इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक अहम प्रगति है. फेज़ 2(A) शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क के बड़े विस्तार के तौर पर काम करता है। 

बेहतर कनेक्टिविटी
अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के फेज 2(A) में लगभग 6.032 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर का विकास शामिल है. इसका मकसद एयरपोर्ट तक आसान कनेक्टिविटी देकर और ऐसे प्रमुख रिहायशी व कमर्शियल इलाकों को जोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को काफी बेहतर बनाना है, जहां अभी ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधाएं नहीं हैं। 

इस फेज का मकसद रिहायशी और कमर्शियल हब जैसे अहम इलाकों को मौजूदा अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर से आसानी से जोड़ना है. साथ ही, वर्ल्ड पुलिस गेम्स 2029 और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए आस-पास स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित किए जाने की भी संभावना है। 

इन अहम इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़कर, फेज 2(A) न केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा, साथ ही यहां रहने वालों और आने-जाने वालों के लिए शहरी आवाजाही को आसान बनाएगा। 

आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के लिए ऑफिस अकोमोडेशन
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में केंद्र सरकार के जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (CGGPOA) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। 

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यह प्रोजेक्ट अमरावती के नए ग्रीनफील्ड शहर में एक अहम पहल है, जिसे एक वर्ल्ड-क्लास शहरी केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना है. इस प्रस्ताव का मकसद केंद्र सरकार के अलग-अलग दफ्तरों के लिए ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग को पूरा करना है, ताकि उन्हें एक ही जगह पर लाया जा सके. इससे विभागों के बीच तालमेल बेहतर होगा और आंध्र प्रदेश राज्य को केंद्र सरकार की तरफ से दी जाने वाली सेवाओं की क्षमता और असर में सुधार होगा। 

5.53 एकड़ में बनेगा अकोमोडेशन
आंध्र प्रदेश के नए राजधानी शहर अमरावती में सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (CGGPOA) को 5.53 एकड़ जमीन पर बनाने की योजना है. CGGPOA में दो ब्लॉक हैं। 

एक ब्लॉक प्लॉट C-9 पर है जिसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा 13 मंजिलें हैं (ग्राउंड फ्लोप पर सर्विसेज, तीन मंजिलों पर पोडियम पार्किंग और दस मंजिलों पर ऑफिस स्पेस हैं), और दूसरा ब्लॉक प्लॉट C-8 पर है जिसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा 10 मंजिलें हैं (ग्राउंड फ्लोर पर सर्विसेज, तीन मंजिलों पर पोडियम पार्किंग और सात मंजिलों पर ऑफिस स्पेस हैं).

इस सुविधा को लगभग 8,000 अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें लगभग 1,800 इक्विवेलेंट कार स्पेस (ECS) के लिए पोडियम पार्किंग की व्यवस्था का प्रस्ताव है. इस प्रोजेक्ट का कुल बिल्ट-अप एरिया 23,25,000 वर्ग फ़ीट (2,16,032 वर्ग मीटर) है। 

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