मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन और डब्ल्यूसीएल के बीच हुए महत्वपूर्ण एमओयू

भोपाल

वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन को बढ़ावा देने की दिशा में मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के बीच 2 महत्वपूर्ण एमओयू हुए हैं। इनका उद्देश्य नर्मदापुरम स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व तथा सिवनी स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण को समर्थन प्रदान करना है।

समझौतों के अंतर्गत सतपुड़ा एवं पेंच टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और आवास प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इनमें वॉच टावरों का निर्माण, वन गश्ती अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण, सौर ऊर्जा आधारित जल प्रणालियों की स्थापना, आक्रामक वनस्पति प्रजातियों का उन्मूलन तथा देशज घास भूमियों का पुनर्स्थापन शामिल है। ये समझौते दोनों टाइगर रिजर्व में जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन की स्थितियां बेहतर करने सहायक होंगे।

ये भी पढ़ें :  सरकार के अथक प्रयासों का परिणाम है पार्वती-कालीसिंध-चंबल और केन-बेतवा लिंक परियोजनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इस अवसर पर डब्ल्यूसीएल प्रबंधन ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी अपनी सीएसआर के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण तथा भारत की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण में निरंतर सार्थक योगदान दे रही है।

डब्ल्यूसीएल के प्रतिनिधियों ने कहा कि अपने अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक तथा कार्यात्मक निदेशकों के दूरदर्शी नेतृत्व में कंपनी सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण एवं समुदाय-केंद्रित प्रभावी पहलों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे उसके परिचालन क्षेत्रों में संरक्षण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें :  मोहन कैबिनेट बैठक सम्पन्न, कई अहम फैसलों पर लगी मोहर, इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

कार्यक्रम में पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक  देवा प्रसाद, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक सु राखी नंदा सहित डब्ल्यूसीएल एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डब्ल्यूसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  एच.एस. पांडे, डब्ल्यूसीएल के  बिक्रम घोष (निदेशक, वित्त/मानव संसाधन),  आनंदजी प्रसाद (निदेशक, तकनीकी/संचालन) और  संदीप परांजपे (निदेशक, परियोजना एवं नियोजन) उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें :  महाकाल दरबार में आशुतोष राणा, नंदी हॉल से किए दर्शन और सुनाया शिव तांडव स्त्रोत

 

Share

Leave a Comment