पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-राज्यपाल  रमेन डेका

राज्यपाल  रमेन डेका से आज छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने लोक भवन में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। वन अधिकारियों के पास कानून, संसाधन और अधिकार उपलब्ध हैं, जिनका प्रभावी उपयोग कर वे पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ के परिणामस्वरूप भूकंप, बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता है। इसलिए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

ये भी पढ़ें :  रायपुर में चूड़ीवाले चचा की करतूत, 9 साल की बच्ची से कर दी हैवानियत

उन्होंने कहा कि मानव, पशु और  प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करना सतत विकास का आधार है। राज्यपाल ने रेत के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आधारभूत संरचना निर्माण के लिए आवश्यक खनिज है। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में शोध और नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे उपाय विकसित किए जाएं जिससे नदियों में जल प्रवाह सतत बना रहे, उनकी क्षमता बढ़े, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और आवश्यक मात्रा में रेत भी प्राप्त होती रहे। राज्यपाल ने वन अधिकारियों से कहा कि वे जंगलों के प्रति लगाव उत्पन्न करें, इससे उन्हें जंगलों को समझने में आसानी होगी और वे अपने  दायित्वों का निर्वाह अच्छे से कर सकेंगे।

ये भी पढ़ें :  वक्फ बोर्ड के पोर्टल पर 5000 हजार संपत्ति पंजीकृत, वक्फ की दुकानों का किराया बढ़ाने की तैयारी में बोर्ड

राज्यपाल ने  वृक्षारोपण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट का घेरा बना दिया जाता है, जिससे उनके विकास में बाधा आती है तथा वर्षा जल का भू-जल स्तर में समुचित पुनर्भरण नहीं हो पाता। ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

ये भी पढ़ें :  घोटाला: सूर्यकांत के करीबी देवेंद्र डडसेना को नहीं मिली बेल, हाईकोर्ट ने कहा- आर्थिक अपराध समाज और अर्थव्यवस्था के लिए घातक

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वन अधिकारियों का कार्य  कार्यालय में बैठना नहीं है  बल्कि जंगलों में भ्रमण कर  वनवासियों की समस्याओं को समझना और वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नवाचारपूर्ण उपाय करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जीवन में कोई ऐसा भी काम करें जो सेवा से जुड़ा हुआ हो चाहे वह पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता, मानव सेवा जैसे कार्य हो सकते हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उप सचिव निधि साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

Share

Leave a Comment