भारतीय मुक्केबाजों का धमाल: चेक गणराज्य टूर्नामेंट में 12 पदक, 8 गोल्ड भारत के नाम

नई दिल्ली
राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय मुक्केबाजों ने चेक गणराज्य में हुए आमंत्रण 56वीं ग्रां प्रि उस्ती नाद लाबेम टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण पदक शामिल हैं। पांच सदस्यों वाली महिला टीम ने चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर शानदार शुरुआत की।

ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा) और प्रिया घंघास (60 किग्रा) ने फाइनल में सर्वसम्मति से जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीते। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) ने रजत पदक जीतकर महिला टीम के शानदार प्रदर्शन को पूरा किया। पुरुष टीम ने भी महिलाओं की तरह सफलता हासिल करते हुए चार स्वर्ण पदक जीते। जादूमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) अपने वर्ग में चैंपियन बने।

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लवलीना ने फाइनल में इटली की मेलिसा जेमिनी को 5-0 से हराया जबकि प्रीति ने फ्रांस की जेसा मार्सेल को इसी अंतर से मात दी। साक्षी ने फ्रांस की मेसून बौरेग को 5-0 से हराया और प्रिया ने चेक गणराज्य की पसंदीदा खिलाड़ी बारबोरा मैक्सोवा पर शानदार जीत हासिल की।

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जादूमणि ने फाइनल में इंग्लैंड के अब्दुल बर्टन को 4-1 से हराया जबकि सचिन और अंकुश ने क्रमशः हंगरी के वेरेस रोहलैंड और चेक गणराज्य के फ्लोरियन डेनियल पर 5-0 से बड़ी जीत हासिल की। नरेंद्र ने कड़े मुकाबले वाले हैवीवेट फाइनल में अर्मेनिया के डेविड चालोयन को 3-2 से हराया। आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा) और कपिल पोखरिया (90 किग्रा) को अपने खिताबी मुकाबलों में करीबी हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि सुमित कुंडू (70 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता।

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