इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रिटायर्ड शिक्षकों के 50 दिन वाले आदेश पर रोक; 300 दिन के अर्जित अवकाश का रास्ता साफ

इंदौर 

 मध्यप्रदेश में टीचर्स के लिए अर्जित अवकाश पर इंदौर हाईकोर्ट नया फैसला आया है। हाईकोर्ट ने रिटायर्ड सहायक शिक्षकों को 300 दिन की अर्जित अवकाश (लीव एनकैशमेंट) का लाभ न देने के मामले में अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने राज्य सरकार के सिर्फ 50 दिन की लीव एनकैशमेंट देने संबंधी आदेशों को रद्द कर नए सिरे से विचार के लिए अफसरों को भेज दिया। इसी के साथ रिटायर्ड टीचर्स के लिए 300 दिन के अर्जित अवकाश का रास्ता खुल गया है। जस्टिस दीपक खोट की एकलपीठ ने 11 याचिकाओं पर ये फैसला सुनाया। खास बात यह है कि वित्त विभाग ने भी हाल ही में प्रदेश में कर्मचारी के लिए अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश के नकदीकरण का लाभ देने के निर्देश जारी किए हैं।

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अभिभाषक अभिनव धानोतकर ने बताया, इंदौर हाईकोर्ट ने आदेश में लिखा है, अफसरों ने वित्त विभाग के 1991 और 2008 के परिपत्रों के आधार पर शिक्षकों को सिर्फ 50 दिन की लीव एनकैशमेंट का लाभ दिया, जबकि 28 जुलाई 2018 को मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम, में संशोधन व 8 मार्च 2019 के प्रपत्र पर विचार नहीं किया।

कोर्ट की टिप्पणी…
कोर्ट ने टिप्पणी की, विवादित आदेशों में यह भी नहीं बताया गया कि वर्ष वार अवकाश की गणना कैसे की गई और 50 दिन कैसे तय किए। इसलिए आदेश विधिसम्मत नहीं माने जा सकते। कोर्ट ने कहा, सिविल सेवा के नियमानुसार कर्मचारियों के अवकाश का पूरा रिकॉर्ड संधारित करना विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि अवकाश की गणना ही वर्ष वार उपलब्ध नहीं कराई गई, तो कर्मचारी के अधिकारों का सही निर्धारण नहीं किया जा सकता। संशोधन व 8 मार्च 2019 के नवीनतम परिपत्र पर विचार नहीं किया।

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कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अर्जित अवकाश के नकदीकरण का प्रावधान
बता दें कि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अर्जित अवकाश के नकदीकरण का प्रावधान है। इसको लेकर वित्त विभाग ने हाल ही में सभी विभागों को निर्देश जारी कर कर्मचारी के पूरे सेवाकाल में अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश के नकदीकरण का लाभ देने को कहा है। अधिक अवकाश होने पर उसका कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा।

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विभिन्न विभागों में लंबे समय से अर्जित अवकाशों पर भ्रम की स्थिति
प्रदेश के विभिन्न विभागों में लंबे समय से अर्जित अवकाशों पर भ्रम की स्थिति बनी है। वित्त विभाग के नए निर्देश से इसकी समाप्ति के साथ ही बड़ी स्पष्टता भी मिल गई है।

वित्त विभाग ने पूर्णत: स्पष्ट कर दी प्रक्रिया
सेवानिवृत्ति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति, असमर्थता पेंशन अथवा सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में अवकाश नकदीकरण की गणना की प्रक्रिया भी वित्त विभाग ने पूर्णत: स्पष्ट कर दी है।

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