भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ ICGS अक्षय, समुद्री सुरक्षा को मिली मजबूती

नई दिल्ली
 भारतीय तटरक्षक बल ने अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हुए नई पीढ़ी के फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ICGS अक्षय (यार्ड 1273) को आधिकारिक तौर पर सेवा में शामिल कर लिया। वास्को (गोवा) में आयोजित समारोह के दौरान इस स्वदेशी पोत को कमीशन किया गया। यह जहाज समुद्री सीमाओं की निगरानी, त्वरित कार्रवाई और तटीय सुरक्षा को नई मजबूती देगा।

ICGS अक्षय का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है। इस पोत में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके भारतीय तटरक्षक बेड़े में शामिल होने से देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।

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'समुद्र सिर्फ व्यापार नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा का भी आधार'
पश्चिमी क्षेत्र के तटरक्षक कमांडर इंस्पेक्टर जनरल भीष्म शर्मा (PTM, TM) ने कहा कि समुद्र केवल आवागमन और व्यापार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय आत्मविश्वास का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा भारत के राष्ट्रीय उद्देश्यों का अहम हिस्सा है और इसे हर हाल में मजबूत बनाए रखना आवश्यक है।

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इंस्पेक्टर जनरल भीष्म शर्मा ने कहा कि किसी भी सुरक्षा बल की तैयारी केवल प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यह तैयारी प्लेटफॉर्म, वर्दीधारी जवानों के प्रशिक्षण, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) और सबसे बढ़कर उनकी सोच और क्षमता में दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हर नया प्लेटफॉर्म तटरक्षक बल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि ICGS अक्षय भारतीय तटरक्षक बल की समुद्र में मौजूदगी को और मजबूत करेगा। इसके जरिए आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया की गति बेहतर होगी और तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता और तैयारियों को नई मजबूती मिलेगी। यह पोत भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।

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