अमित शाह की नागा विधायकों से बैठक पर मणिपुर की सियासत गरमाई, कांग्रेस ने उठाए सवाल

नई दिल्ली
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने शनिवार को मणिपुर के नागा समुदाय के विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठख में नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो मौजूद थे, लेकिन इस बैठक के बाद अटकलों का दौर तब शुरू हुआ जब कांग्रेस की मणिपुर इकाई ने सवाल उठाया कि आखिर विधायकों और गृहमंत्री की बैठक के बीच मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह मौजूद क्यों नहीं थे? कांग्रेस ने सवाल उठाया कि आखिर मणिपुर के नागा विधायकों और केंद्रीय गृहमंत्री के

बीच में बैठक मणिपुर सीएम के बिना कैसे आयोजित हो सकती है?
इस बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मणिपुर कांग्रेस ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघचंद्र सिंह ने कहा कि इस बैठख के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली मणिपुर सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। विधायकों और केंद्रीय गृहमंत्री के बीच की बैठक से मुख्यमंत्री को अलग रखना यह पद की गरिमा और उसके अधिकार को कम करता है। इसके साथ ही उन्होंने विधायकों के साथ केंद्रीय गृहमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे उप मुख्यमंत्री लोसी दीखो पर भी सवाल उठाया।

ये भी पढ़ें :  बिलासपुर में मलेरिया पॉजिटिव मरीज की मौत, सिम्स में इलाज के दौरान हुई मौत, युवक का मल्टी ऑर्गन हुआ फेलियर

विधायकों को अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं- कांग्रेस
मेघचंद्र ने कहा, "यह बैठक दिखाती है कि उपमुख्यमंत्री लोसी दीखो और नागा विधायकों को अपने ही मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं है। इसलिए तो वह बिना मुख्यमंत्री के सीधे नागा विधायकों से मिलने के लिए पहुंचे हैं।" इसके अलावा उन्होंने बैठक में मौजूद नागालैंड के मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रशासन राज्य के निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से होना चाहिए न कि पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री के द्वारा आखिर

ये भी पढ़ें :  'व्यापक हितों को प्राथमिकता देते हुए छोड़ा पद': धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नितिन नवीन का बड़ा बयान

मणिपुर के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नागालैंड के सीएम ने क्यों किया?
दूसरे उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन पर कटाक्ष करते हुए मेघचंद्र ने कहा कि राज्य में पर्याप्त सुरक्षा होने के कबाद भी डिप्टी सीएम का दिल्ली में रहना यह दिखाता है कि उनकी प्राथमिकता क्या है। वह राज्य की नहीं केंद्र की राजनीति करना चाहते हैं। इतना ही नहीं मेघचंद्र ने सीएम को कागजी शेर करार देते हुए कहा कि राज्य के शासन पर उनका प्रभाव खत्म हो गया है।

ये भी पढ़ें :  ओडिशा में CISF का 57वां स्थापना दिवस: गृह मंत्री अमित शाह ने समारोह में की शिरकत

कांग्रेस की तरफ से उठाए गए इन सवालों का अभी तक भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment