नस्लभेद के सवाल पर एलन मस्क ने गिनाए भारत से रिश्ते, पत्नी को बताया ‘हाफ इंडियन’

वाशिंगटन

नस्लभेदी बयानों को लेकर विवादों में घिरे एलन मस्क ने इन आरोपो को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पत्नी 'हाफ इंडियन हैं।' दुनिया के सबसे अमीर शख्स ने कहा कि वह जिस तरह के लोगों को हायर करते हैं या फिर उनके परिवार को ही देख लिया जाए तो नस्लवाद का कोई सवाल ही खड़ा नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि अपने बेटे का नाम उन्होंने एक भारतीय भौतिकशास्त्री के नाम पर रखा है।

'द इकनॉमिस्ट' के ए़डिटर इन चीफ जैनी मिंटन बेडोस ने एलन मस्क से पूछा कि क्या वे नस्लवादी हैं। इसपर एलन मस्क ने कहा कि उनका पारिवारिक बैकग्राउंड और कंपनियों में कर्मचारियों की भर्ती इस बात की गवाही देती है कि उन्होंने नस्ल के हिसाब से कभी भेदभाव नहीं किया और वह नस्लवादी नहीं हैं। बता दें कि एलन मस्क अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर इंटरनेट यूजर्स के निशाने पर हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में नस्ल, श्वेत होने और इमिग्रेशन का जिक्र किया था।

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किसके नाम पर रखा बेटे का नाम?
एलन मस्क ने कहा कि उनकी पत्नी हाफ इंडियन हैं। उन्होंने अपनी पार्टनर शिवोन जिलिस की बात की थी जिनका संबंध भारतीय मूल से है। मस्क और शिवोन से चार बच्चे हैं। हालांकि मस्क और शिवोन ने कभी शादी नहीं की है। शिवोन कनाडा में पली-बढ़ी हैं और उनकी मां भारतीय मूल की हैं। मस्क ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे का नाम भारतीय नोबेल विजेता सुब्रमण्यम चंद्रशेखऱ के नाम पर ही रखा है। बता दें कि मस्क के बेटे का नाम स्ट्राइडर शेखऱ है। उन्होंने स्ट्राइडर नाम जेआरएर टॉकिन की किताब द लॉर्ड ऑफ रिंग्स के अरागॉर्न से लिया है।

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AI से खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता
मस्क ने इस बातचीत में स्वीकार किया कि एआई से खतरे हैं और इसे खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि तकनीक ने जो गति पकड़ी है उसे रोकना अब आसान नहीं है। ऐसे में मानवता को इसके फायदों पर गौर करना चाहिए और इसके नकारात्मक इस्तेमाल से बचना चाहिए।

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बता दें कि जनवरी महीने में एलन मस्क हर दिन एक ऐसी पोस्ट डालते थे जिसमें श्वेत नस्ल के खतरे की बात होती थी। वहीं दावोस के मंच से उन्होंने कहा था कि श्वेत लोग तेजी से कम हो रहे हैं। एलन मस्क से जब मुसलमानों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें किसी धर्म से कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि दिक्कत उन लोगों से है जो बाहर से आकर अपराध करते हैं और उनसे सामाजिक व्यवस्था बिगड़ती है। इसका संबंध किसी खास धर्म से नहीं लेकिन उन खास मानसिकता वाले लोगों से है।

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