कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू रचेंगी इतिहास, स्वर्ण पर नजर

 नई दिल्ली
 राष्ट्रमंडल खेलों 2026 का आगाज हो चुका है और भारतीय खिलाड़ियों ने पदकों की दौड़ में अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार को भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में चुनौती पेश करेंगी।

31 वर्षीय मीराबाई की नजर लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतने पर होगी। अगर वह ऐसा करने में सफल रहती हैं तो यह राष्ट्रमंडल खेलों में उनका लगातार तीसरा स्वर्ण और कुल चौथा पदक होगा। मीराबाई का राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने 2014 के ग्लासगो खेलों में रजत पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई थी।

इसके बाद 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीदें सबसे ज्यादा हैं। ग्लासगो में भारत की ओर से कुल 11 भारोत्तोलक चुनौती पेश कर रहे हैं, जिनमें पांच पुरुष और छह महिला खिलाड़ी शामिल हैं। सभी मुकाबले एसईसी आर्माडिलो में खेले जाएंगे।

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प्रतियोगिता से पहले मीराबाई ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर अभ्यास का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि वह अपने चौथे राष्ट्रमंडल खेलों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके इस संदेश ने भारतीय खेल प्रेमियों का उत्साह और बढ़ा दिया है। वहीं, भारतीय भारोत्तोलन टीम के मुख्य कोच विजय शर्मा का मानना है कि मीराबाई के लिए यह प्रतियोगिता सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों की तैयारी का भी अहम हिस्सा होगी।

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ओलिंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई अभी तक एशियाई खेलों में कोई पदक नहीं जीत सकी हैं और इस कमी को इस वर्ष पूरा करना चाहेंगी। ऐसे में राष्ट्रमंडल खेल उनके लिए लय हासिल करने का बेहतरीन अवसर माने जा रहे हैं। मीराबाई के अलावा बर्मिंघम 2022 में कांस्य पदक जीतने वाली हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह भी इस बार बेहतर प्रदर्शन कर पदक का रंग बदलने की कोशिश करेंगे।

भारतीय दल को इन खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।ये खिलाड़ी भी हैं स्वर्ण के बड़े दावेदारभारोत्तोलन के अलावा एथलेटिक्स में भी भारत की निगाहें कई स्टार खिलाड़ियों पर टिकी हैं। दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा इस बार स्वर्ण पदक के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं।

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चोट के कारण वह 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं ले सके थे, लेकिन 2018 गोल्ड कोस्ट में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की थी। वहीं, हाई जंप खिलाड़ी सर्वेश कुशारे भी शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने हाल ही में मोनाको डायमंड लीग में पदार्पण करते हुए 2.26 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया था।

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