जेएनयू में बड़ा बदलाव, कुलगुरु ने दो रेक्टरों को पदमुक्त किया

नई दिल्ली
 जेएनयू में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी. पंडित ने प्रो. बृजेश पांडेय (रेक्टर-एक) और प्रो. दीपेंद्र नाथ दास (रेक्टर-दो) को उनके पदों से कार्यमुक्त कर दिया है।

यह निर्णय कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में लिया गया। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक कारण या विस्तृत आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है।

दोनों रेक्टरों को कार्यमुक्त कर दिया
विश्वविद्यालय के सूत्रों ने दोनों रेक्टरों को पद से हटाए जाने की पुष्टि की है। हाल के दिनों में कुछ प्रशासनिक मुद्दों पर मतभेद सामने आए थे। इन्हीं असहमतियों के बाद कुलगुरु ने यह कहते हुए दोनों रेक्टरों को कार्यमुक्त कर दिया कि उनकी सेवाओं की अब आवश्यकता नहीं है। दोनों अधिकारी पिछले दो वर्ष से अधिक समय से इस पद पर थे।

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रेक्टर स्तर पर बदलाव किया गया
जेएनयू में यह पहली बार नहीं है, जब कुलगुरु के कार्यकाल के दौरान रेक्टर स्तर पर बदलाव किया गया हो। इससे पहले भी उनके कार्यकाल में कई रेक्टर बदले जा चुके हैं। ऐसे में इस ताजा फैसले को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं
वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में इस कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। सूत्रों का कहना है कि हाल में छात्रों के प्रदर्शनों से जुड़े घटनाक्रम और प्रशासनिक स्तर पर हुई असहमतियां इस फैसले की पृष्ठभूमि में हो सकती हैं।

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यह भी चर्चा है कि करीब एक माह पहले एक रेक्टर और कुलगुरु के बीच किसी मुद्दे पर विवाद हुआ था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि, इन दावों की विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बता दें कि कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी. पंडित का कार्यकाल अगले वर्ष फरवरी में समाप्त होने वाला है। ऐसे में कार्यकाल के अंतिम महीनों में हुआ यह प्रशासनिक फेरबदल विश्वविद्यालय में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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