इंदौर को मिली बड़ी सौगात! नया फ्लाईओवर होगा तैयार, 1.78 लाख वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

इंदौर
 मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक 'रेडिसन स्क्वायर' पर जल्द ही 4-लेन फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होने जा रहा है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा तैयार की गई इस योजना से रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लाखों वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से स्थाई राहत मिलेगी और यात्रा के समय में भी भारी बचत होगी। प्राधिकरण ने इस संबंध में विस्तृत 'यातायात संभाव्यता अध्ययन' (ट्रैफिक फिजिबिलिटी स्टडी) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।

4 विकल्पों के बारीकी से परीक्षण के बाद स्वीकृत हुआ डिजाइन
रेडिसन चौराहे पर सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए IDA के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने रिंग रोड तथा एमआर-10 पर अंडरपास और फ्लाईओवर बनाने के चार अलग-अलग इंजीनियरिंग मॉडल्स का गहन अध्ययन किया। हालांकि, चौराहे के नीचे मौजूद 1200 मिमी की प्रमुख सीवर ट्रंक लाइन, पेयजल आपूर्ति लाइन और ऊपरी हिस्से में प्रस्तावित इंदौर मेट्रो लाइन की मौजूदगी के कारण कई विकल्पों में तकनीकी अड़चनें आईं।

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तमाम पहलुओं के विस्तृत आकलन के बाद विशेषज्ञों ने एमआर-10 मार्ग के समानांतर, रेडिसन होटल की ओर 596 मीटर लंबे 4-लेन फ्लाईओवर के निर्माण को सबसे व्यावहारिक और उपयोगी विकल्प के रूप में अंतिम रूप दिया।

मेट्रो कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष 'बो-स्ट्रिंग ब्रिज'
इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) परीक्षित झाड़े के मुताबिक, इस नए फ्लाईओवर का निर्माण इस तरह किया जा रहा है कि शहर में जारी मेट्रो प्रोजेक्ट की संरचना को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

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मेट्रो लाइन को सुरक्षित रूप से पार करने के उद्देश्य से फ्लाईओवर के मुख्य हिस्से पर लगभग 70 मीटर लंबा 'बो-स्ट्रिंग स्टील ब्रिज' (Bow-string bridge) तैयार किया जाएगा। इस तकनीक के उपयोग से नीचे बन रहे मेट्रो पिलर और ट्रैक पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे।

पीक आवर्स में 1.78 लाख वाहनों को मिलेगी सहूलियत
रेडिसन चौराहा इंदौर का एक प्रमुख कनेक्टिंग पॉइंट है, जो शहर के महत्वपूर्ण व्यावसायिक और आवासीय इलाकों जैसे विजय नगर, बॉम्बे हॉस्पिटल, रोबोट चौराहा और स्टार चौराहे को आपस में जोड़ता है। वर्तमान यातायात आंकड़ों के अनुसार, इस चौराहे से हर दिन लगभग 1.78 लाख वाहन गुजरते हैं। इनमें 55 प्रतिशत दोपहिया वाहन, 33 प्रतिशत चार पहिया कारें और 12 प्रतिशत भारी व अन्य वाहन शामिल हैं। पीक आवर्स के दौरान यहां लंबा ट्रैफिक जाम लगना आम बात है।

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