रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! भोपाल रेलवे स्टेशन का यार्ड होगा अपग्रेड, ट्रेनों की आवाजाही होगी तेज

भोपाल
 भोपाल रेलवे स्टेशन के यार्ड को नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी शुरू हो गई है। यार्ड रीमाडलिंग के पहले चरण में प्लेटफार्म नंबर-1 में बड़ा बदलाव किया जाएगा। इसके तहत रानी कमलापति स्टेशन की ओर प्लेटफार्म-1 का विस्तार होगा, जबकि बीना की ओर प्लेटफार्म के एक हिस्से को हटाया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य दोनों सिरों पर मेन लाइन को चालू करना है, ताकि ट्रेनों के संचालन में ज्यादा सुविधा मिल सके। इस काम पर करीब 71.80 लाख रुपए खर्च होंगे और इसे छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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रीमॉडलिंग के तहत प्लेटफार्म नंबर-1 को रानी कमलापति स्टेशन की तरफ बढ़ाया जाएगा। इससे प्लेटफार्म की संरचना को यार्ड की नई व्यवस्था के अनुसार तैयार किया जा सकेगा। रेलवे की योजना के मुताबिक प्लेटफार्म और ट्रैक की स्थिति में बदलाव कर ट्रेनों के संचालन के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जाएगी।

बीना की ओर हटेगा प्लेटफार्म का हिस्सा
प्लेटफार्म-1 के बीना छोर की तरफ बने हिस्से को हटाया जाएगा। इसके पीछे मुख्य वजह यार्ड की ट्रैक व्यवस्था में बदलाव करना है। प्लेटफार्म के इस हिस्से को हटाने के बाद दोनों छोर से मेन लाइन को चालू करने के लिए जरूरी जगह उपलब्ध हो सकेगी। इससे यार्ड में ट्रेनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

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ट्रेनों के संचालन में मिलेगी ज्यादा सुविधा
भोपाल यार्ड में ट्रैक और प्लेटफार्म की मौजूदा व्यवस्था के कारण ट्रेनों के संचालन में कई स्तर पर समन्वय करना पड़ता है। रीमाडलिंग के बाद मेन लाइन को दोनों तरफ से चालू करने की व्यवस्था होने से ट्रेनों को प्लेटफार्म और यार्ड से निकालने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे भविष्य में ट्रेनों के संचालन को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

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यात्रियों को यह होगा फायदा
ट्रेनों की बेहतर आवाजाही: यार्ड का ढांचा सुधरने से ट्रेनों का आना-जाना और व्यवस्थित होगा। प्लेटफार्म-1 की नई व्यवस्था से ट्रेनों को खड़ा करने और रवाना करने में सुविधा मिलेगी।

कम होगी लेत-लतीफी: ट्रैक बेहतर होने से ट्रेनों को यार्ड में फालतू रुकना नहीं पड़ेगा।

क्षमता में बढ़ोतरी: दोनों तरफ मेन लाइन शुरू होने से ट्रेनों के संचालन के लिए नए विकल्प मिलेंगे।

स्टेशन यार्ड का सुधार: नए ट्रैक और संरचना से पूरे स्टेशन यार्ड की कार्यप्रणाली बेहतर होगी।

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