भगवान श्री जगन्नाथ के श्रीचरणों में श्रद्धालुओं की मनोकामनाएँ हुईं समर्पित

रायपुर
अनूपचंद तिलोकचंद ज्वैलर्स प्रा. लि. द्वारा आयोजित जोहार जगन्नाथ  कार्यक्रम के अंतर्गत श्रद्धालुओं द्वारा लिखित मनोकामनाओं को 31 जुलाई 2026 को पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ के पावन श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक समर्पित किया गया। इस अवसर पर कंपनी के डायरेक्टर निकेश बरडिया एवं बस्तर के महाराज श्री कमल चंद्र भंजदेव  ने भगवान जगन्नाथ के श्रीचरणों में प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

उल्लेखनीय है कि भगवान श्री जगन्नाथ के स्थापना दिवस एवं पावन रथयात्रा के अवसर पर 09 से 16 जुलाई 2026 तक ए.टी. पैलेस, कोतवाली चौक, रायपुर में "जोहार जगन्नाथ" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया था। इस दौरान विशेष रूप से तैयार किए गए "मनोकामना रथ" के माध्यम से शहर की विभिन्न सोसायटियों, सामाजिक संगठनों एवं हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाएँ लिखीं और भगवान श्री जगन्नाथ को समर्पित कीं।

ये भी पढ़ें :  दावा करेगा देवांगन समाज, चुनाव में प्रत्याशी उतारेगा समाज...विमल बोले-'मजबूत दावेदारी और समाज के दबाव के बगैर संघर्ष अधूरा..'

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए यह संकल्प लिया गया था कि सभी मनोकामनाओं को पुरी धाम ले जाकर भगवान श्री जगन्नाथ के पवित्र श्रीचरणों में अर्पित किया जाएगा। इसी संकल्प की पूर्ति करते हुए 31 जुलाई को सभी मनोकामनाएँ भगवान जगन्नाथ के श्रीचरणों में समर्पित की गईं।

ये भी पढ़ें :  छत्तीसगढ़ में 2027 जनगणना की तैयारी तेज, पहली बार डिजिटल पैटर्न पर होगी गणना

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के माननीय उपमुख्यमंत्री अरुण साव,  विजय शर्मा तथा छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ था। सभी अतिथियों ने भगवान श्री जगन्नाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन पुरी धाम से लाए गए पावन महाप्रसाद का वितरण भी श्रद्धालुओं के बीच किया गया, जिससे हजारों भक्तों ने महाप्रभु का आशीर्वाद एवं प्रसाद ग्रहण किया।

ये भी पढ़ें :  रविवार को होने जा रही साय कैबिनेट की बैठक, लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

अनूपचंद तिलोकचंद ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड ने सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

 

Share

Leave a Comment