योगी सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, नलकूप बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया हुई आसान और पारदर्शी

लखनऊ

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने की दिशा में कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के किसानों को निजी नलकूप विद्युत संयोजन प्राप्त करने में होने वाली अनावश्यक भागदौड़ और विलंब को समाप्त करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने नई व्यवस्था लागू की है। सरकार के इस निर्णय से किसानों को निर्माण सामग्री के लिए बार-बार विद्युत भंडार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और निजी नलकूपों का विद्युतीकरण अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से हो सकेगा।

निर्माण सामग्री की किट यथासंभव एकमुश्त मिलेगी

यूपीपीसीएल के वितरण निदेशक ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि निजी नलकूप विद्युत संयोजन को लेकर दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पहले निर्णय के तहत संयोजन के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री की किट यथासंभव एकमुश्त उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को अलग-अलग सामग्री के लिए बार-बार भंडार केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही सामग्री की उपलब्धता के कारण संयोजन कार्य में होने वाले अनावश्यक विलंब को भी कम किया जा सकेगा।

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जबकि दूसरे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत ऐसी विकेन्द्रीकृत निर्माण सामग्री, जिसकी आपूर्ति निगम की ओर से नहीं की जा रही है, उसका मूल्य किसानों से धन मांगपत्र यानी टीसी के माध्यम से नहीं लिया जाएगा। इस व्यवस्था से किसानों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ और प्रक्रिया संबंधी भ्रम की स्थिति कम होगी।
    
प्राक्कलन में सामग्री का विवरण होगा स्पष्ट

नई व्यवस्था के तहत निजी नलकूप विद्युत संयोजन के लिए तैयार किए जाने वाले प्राक्कलन में आवश्यक निर्माण सामग्रियों का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा। इसमें क्रॉस आर्म होल्डिंग क्लैम्प, स्टे क्लैम्प, एफ-ब्रैकेट, 11 केवी टीपीएमओ सेट, 11 केवी थ्री-फेज फ्यूज सेट, टॉप टी-ऑफ क्लैम्प, एमएस नट-बोल्ट एवं वॉशर, एलटी शैकल इंसुलेटर, डी-क्लैम्प, एलटी क्लैम्प, डेंजर बोर्ड, बार्ब्ड वायर, स्टोन पैड और एक्सएलपीई आर्मर्ड केबल सहित अन्य आवश्यक सामग्री शामिल होगी।

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हालांकि इन सामग्रियों का मूल्य प्राक्कलन में शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन किसानों की सुविधा के लिए उनकी आवश्यक मात्रा और अनुमानित लागत का उल्लेख किया जाएगा। इससे आवेदक को पहले से यह जानकारी रहेगी कि संयोजन के लिए किन सामग्रियों की जरूरत होगी और उनकी अनुमानित लागत कितनी हो सकती है। इस संबंध में यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। 

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टीसी के साथ नियम और शर्तें भी होंगी संलग्न

नई व्यवस्था के तहत निजी नलकूप आवेदकों को जारी किए जाने वाले धन मांगपत्र यानी टीसी के साथ नियम एवं शर्तें भी संलग्न की जाएंगी। इससे किसानों को पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी और उन्हें किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार की इस पहल से निजी नलकूपों के विद्युतीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही किसानों को समय और श्रम की बचत होगी। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी, क्योंकि सिंचाई के लिए निजी नलकूपों पर निर्भर किसानों को विद्युत संयोजन मिलने में होने वाली देरी का सीधा असर उनकी खेती पर पड़ता है।

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