शराब दुकानों में गड़बड़ी पर आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन

शराब दुकानों में गड़बड़ी पर आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन 

दो आबकारी उपनिरीक्षक निलंबित 

सहायक जिला आबकारी अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

रायपुर 
छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में अधिक कीमत पर बिक्री और अन्य गंभीर अनियमितताओं के मामलों में आबकारी विभाग ने एक ही दिन तीन बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने बलौदाबाजार-भाटापारा और बालोद के दो आबकारी उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि 53 पेटी अवैध शराब प्रकरण में बालोद की सहायक जिला आबकारी अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा शासन को भेजी गई है।

ये भी पढ़ें :  रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और 'डिजिटल फर्जीवाड़े' का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी 'अंधेरगर्दी': लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: "राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल" पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'डिजिटल सेंधमारी' को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट शराब दुकान में अधिक कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत पर मूल शिकायत के अनुरूप कार्रवाई नहीं करने तथा दुकान के सीसीटीवी सिस्टम को अद्यतन नहीं रखने के कारण आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

ये भी पढ़ें :  सारंगढ़ बिलाईगढ़ : रजिस्ट्री के नई गाइडलाइन दर 08 दिसंबर से लागू

वहीं, धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में 25 जुलाई को जब्त 53 पेटी अवैध देशी एवं विदेशी शराब की जांच में होलोग्राम के आधार पर शराब का स्रोत बालोद जिले की अरकार देशी कम्पोजिट शराब दुकान पाया गया। जांच में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक बिक्री सामने आने पर संबंधित वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी निलंबित कर दिया गया है।

इसी प्रकरण में अरकार शराब दुकान की प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के शिथिल नियंत्रण और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को भेज दी है।

ये भी पढ़ें :  मध्य प्रदेश में 873 लोगों पर एक पुलिसकर्मी, सरकार का लक्ष्य—तीन साल में 22 हजार नई भर्तियां

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment