₹154 करोड़ के अंबेडकर फ्लाईओवर की खुली पोल! बारिश में उखड़ा डामर, बाहर निकले सरिए

भोपाल 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारी बारिश ने शहर के बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। राज्य के दूसरे सबसे लंबे ब्रिज 'डॉ. अंबेडकर (जीजी) फ्लाईओवर' की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। करीब 154 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस फ्लाईओवर की ऊपरी परत बारिश के कारण जगह-जगह से उखड़ गई है, जिससे कंक्रीट के नीचे दबे लोहे के सरिए साफ तौर पर बाहर दिखाई देने लगे हैं।

इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से ही यह विवादों में रहा है। लोकार्पण के शुरुआती दिनों में ही इसमें वाइब्रेशन और सतह के खुरदरेपन जैसी तकनीकी खामियां सामने आई थीं। अब लगातार हो रही बारिश ने इसकी निर्माण गुणवत्ता की कलई खोल दी है। डामर की परत उखड़ने के बाद अब लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं, जो इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहनों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।

रोज हजारों VVIP और लोग गुजरते हैं
इस ओवरफ्लाई से हर रोज हजारों वीवीआईपी और आम लोग ब्रिज के ऊपर से गुजर रहे हैं। लोकार्पण के दौरान यह प्रदेश का पहला सबसे लंबा ब्रिज था। बाद में जबलपुर में इससे लंबा ब्रिज बना। इस हिसाब से अब यह प्रदेश का दूसरा सबसे लंबा ब्रिज है।

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मेट्रो स्टेशन के नीचे ही उखड़ा रोड, होशंगाबाद रोड पर भी गड्‌ढे
शहर की मुख्य सड़कें हो या अंदरूनी, उन पर गड्‌ढे ही गड्‌ढे हो गए हैं। मुख्य सड़कें- होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, रातीबड़, एमपी नगर, लिंक रोड नंबर-2 में कई जगहों से सड़कें उखड़ गई हैं।

मिसरोद से वीर सावरकर ब्रिज तक कई जगहों पर गड्‌ढे हैं। एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे करीब 50 मीटर लंबी सड़क जर्जर हालत में है। इस कारण सिग्नल के बाद तेजी से आने वाले वाहनों के हादसे का शिकार होने की संभावना रहती है।

बीजेपी ऑफिस के पास तिराहे की हालत भी खस्ता है। इस चौराहे का कायाकल्प किया जा रहा है, लेकिन टर्निंग पर ही सड़क उखड़ गई हैं।

स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर प्रशासन पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि इतने बड़े बजट से बने प्रोजेक्ट की ऐसी हालत यह दर्शाती है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें फ्लाईओवर की जर्जर स्थिति को स्पष्ट देखा जा सकता है।

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केवल अंबेडकर फ्लाईओवर ही नहीं, बल्कि भोपाल के अन्य प्रमुख मार्गों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड, लिंक रोड नंबर-2 और अयोध्या बायपास जैसे व्यस्त रास्तों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे करीब 50 मीटर लंबी सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, जहां वाहनों का संतुलन बिगड़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

सुभाषनगर ब्रिज के पास इनकम टैक्स ऑफिस तिराहे पर लोक निर्माण विभाग द्वारा हाल ही में डाली गई मुर्रम भी बारिश में बह गई, जिससे वहां आधा फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। यह क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो पुराने शहर को एमपी नगर और होशंगाबाद रोड से जोड़ता है।

पुराने शहर के अशोका गार्डन, निशातपुरा, शबरी नगर और करोंद जैसे इलाकों में भी सड़कों का हाल बेहाल है। अशोका गार्डन थाने के पास मुख्य मार्ग पूरी तरह से उखड़ चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का निकलना दूभर हो गया है। अयोध्या बायपास और कोलार क्षेत्र की कॉलोनियों में भी सड़कों पर गड्ढों की भरमार है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

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भोपाल में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई तेज बारिश ने स्थिति को और अधिक विकट बना दिया है। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन द्वारा सड़कों की मरम्मत के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति अभी भी सुधार की मांग कर रही है।

वीवीआईपी मूवमेंट और आम नागरिकों की भारी आवाजाही वाले इन मार्गों पर गड्ढे होना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी बड़ा जोखिम है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन जर्जर सड़कों की मरम्मत के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

 

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