eHRMS और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कृषि विस्तार अधिकारी संघ का कलम बंद आंदोलन

eHRMS और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कृषि विस्तार अधिकारी संघ का कलम बंद आंदोलन

17 से 20 अगस्त तक मुरैना में कार्य बहिष्कार, ‘eHRMS हटाओ–फील्ड बचाओ’ का नारा

मुरैना
 eHRMS ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था, मैदानी कार्य में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात महिला कृषि विस्तार अधिकारियों की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। प्रांतीय आह्वान पर संघ की जिला इकाई मुरैना ने 17 से 20 अगस्त तक चार दिवसीय ‘कलम बंद कार्य बहिष्कार’ का ऐलान किया है। आंदोलन के दौरान संघ से जुड़े अधिकारी कामकाज से विरत रहकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराएंगे।

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संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. जयदीप सिंह का कहना है कि eHRMS व्यवस्था के चलते कृषि विस्तार अधिकारियों का मैदानी काम प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों की बड़ी जिम्मेदारी किसानों के बीच जाकर योजनाओं की जानकारी देना, कृषि संबंधी मार्गदर्शन करना और समस्याओं का मौके पर समाधान कराना है, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रियाओं और लगातार डेटा अपलोड करने की बाध्यता से फील्ड वर्क के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

संघ ने ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में पदस्थ महिला कृषि विस्तार अधिकारियों की सुरक्षा को भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। संघ का कहना है कि कई महिला कर्मचारी ऐसे क्षेत्रों में काम करती हैं, जहां आवागमन और मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऑनलाइन उपस्थिति और फील्ड से डेटा अपलोड करने की बाध्यता के चलते उन्हें देर तक ग्रामीण क्षेत्रों में रुकना पड़ सकता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ती हैं।

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संघ का तर्क है कि कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था किए बिना ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करना व्यावहारिक नहीं है। खासतौर पर महिला कर्मचारियों के लिए काम के समय, सुरक्षित आवागमन और फील्ड परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।

कागजी और ऑनलाइन काम का बढ़ा बोझ

कृषि विस्तार अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती ऑनलाइन और कागजी प्रक्रियाओं का सीधा असर किसानों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। अधिकारियों को फील्ड में किसानों के बीच अधिक समय देने के बजाय रिपोर्टिंग और डेटा अपलोड जैसे कार्यों में समय लगाना पड़ रहा है।

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संघ ने शासन से मांग की है कि eHRMS व्यवस्था की व्यवहारिक समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं। साथ ही मैदानी स्तर पर कार्यरत महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, सुविधाओं और सुरक्षित कार्य वातावरण को लेकर ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

चार दिन के आंदोलन के जरिए संघ ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों की सुरक्षा और किसान हितों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

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