आईटीआई को उद्योगों से जोड़कर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएं: मुख्यमंत्री

आईटीआई को उद्योगों से जोड़कर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएं: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री के निर्देश, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में सीआईआईआईटी केंद्रों का संचालन शीघ्र शुरू करें

मुख्यमंत्री का निर्देश, अनुदेशकों की चयन प्रक्रिया में तेजी लाएं, नियमित नियुक्ति में वेटेज का प्रावधान भी हो

प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रोजगार मेलों का आयोजन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा, भाषा प्रशिक्षण को मजबूत कर युवाओं को वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करें

मुख्यमंत्री के निर्देश, जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ें

लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि आईटीआई को अधिक से अधिक उद्योगों से जोड़ा जाए। उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण विकसित करने के साथ ही अप्रेंटिसशिप तथा ऑन-जॉब प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास को रोजगार के साथ वैश्विक अवसरों से भी जोड़ा जाए। आईटीआई और उद्योगों के बीच निरंतर संवाद की व्यवस्था होनी चाहिए और प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रोजगार मेलों का आयोजन किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली केंद्रों का संचालन शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 राजकीय आईटीआई के उन्नयन का कार्य किया जा रहा है, जबकि 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। उद्योगों के सहयोग से 37 राजकीय आईटीआई में एडवांस स्किल लैब स्थापित की गई हैं। 

मुख्यमंत्री ने अनुदेशकों की उपलब्धता को प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए चयन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चयनित अनुदेशकों को नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया में उनके अनुभव और कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान किया जाए। बैठक में बताया गया कि 2,406 अनुदेशक पदों पर चयन किया गया है और 2,200 से अधिक चयनित अनुदेशक कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। 

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बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षणार्थियों के लिए कार्यस्थल पर हिंदी की आधिकारिक शब्दावली और प्रयोग से संबंधित प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है तथा प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। जापान और जर्मनी जैसे देशों में कुशल जनशक्ति की मांग को देखते हुए विदेशी भाषाओं का डिजिटल प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। 

मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के बच्चों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ऐसे परिवारों के 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 9.52 लाख युवाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जिनमें 1.44 लाख पात्र चिन्हित हुए हैं। इनमें 8,746 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण हो चुका है। 

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बैठक में बताया गया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से 21.13 लाख युवाओं को प्रशिक्षण और 12.94 लाख युवाओं को सेवायोजन मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कौशल प्रशिक्षण की सफलता का आकलन प्रशिक्षण की संख्या से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के परिणामों से किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए प्रदेश को देश का अग्रणी कौशल हब बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।

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