रक्षाबंधन पर 96% ढकेगा चंद्रमा! जानें कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण और भारत में कितने बजे होगा शुरू

इंदौर 
रक्षाबंधन पर साल का आख‍िरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यानी 28 अगस्‍त को राखी के त्‍योहार के साथ ही ग्रहण शुरू होगा. पंचांग के मुताबिक इस ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त की सुबह 8 बजकर 04 मिनट से हो जाएगी और यह सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर समाप्‍त होगा. वैसे यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. इसी के साथ यह साल का आखिरी ग्रहण भी रहेगा. इसके बाद 2026 में कोई और ग्रहण नहीं लगेगा. इस ग्रहण की परम अवस्था के समय चंद्रमा का अधिकांश भाग पृथ्वी की प्रच्छाया से पूरी तरह छिप जाएगा. इसमें चांद कटा हुआ दिखाई देगा. चल‍िए आपको बताते हैं क‍ि  ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा और इसका कहां पर प्रभाव पड़ेगा। 

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यह चंद्र ग्रहण उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, प्रशांत महासागर के पूर्वी भागों और अटलांटिक महासागर में नजर आएगा. वियना, पेरिस, रोम, बर्लिन, प्राग, ब्रुसेल्स, मैड्रिड, लंदन, रियो डी जेनेरियो, न्यूयॉर्क, जोहान्सबर्ग और ब्यूनस आयर्स इन शहरों में द‍िखेंगे.  जहां यह चंद्र ग्रहण पूरी तरह नजर आएगा। 

28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण भारत, बांग्लादेश, चीन, जापान, नेपाल, श्रीलंका और एशिया के अधिकांश भागों से द‍िखाई नहीं देगा. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भागों और पश्चिमी प्रशांत महासागर से भी यह ग्रहण द‍िखाई नहीं देगा। 

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यह चंद्र ग्रहण में सूतक काल नहीं लगेगा, क्योंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दे रहा है. बता दें वैसे चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. वहीं सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे शुरू हो जाता है। 

चंद्र ग्रहण के समय भोजन खाने और पकाने से पूरी तरह मनाही है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दौरान भोजन दूषित हो जाता है. वहीं गर्भवती स्त्रियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. जैसे उन्हें घर से बाहर निकलने से मनाही है. इसके अलावा ग्रहण काल में गर्भवती स्त्रियों को वस्त्र वगैरह काटने या सिलने से भी मना किया जाता है. मान्यता है कि राहु और केतु के दुष्प्रभाव के कारण बच्‍चे शारीरिक रूप से अक्षम हो सकते हैं, ऐसी मान्‍यता है इसलिए ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को ये सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 

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