ओरछा में MP BJP का मिशन-2028 मंथन, युवा वोटरों को साधने रील्स से बूथ तक बनेगी रणनीति

ओरछा
 भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक ऐतिहासिक नगरी ओरछा में 30-31 अगस्त को आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव 'मिशन-2028' के लिए सांगठनिक रोडमैप तैयार करना है। इस बार भाजपा युवा पीढ़ी के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करेगी, ताकि नई पीढ़ी के मतदाताओं के साथ प्रभावी संवाद किया जा सके।

स्थानीय निकाय और सहकारिता चुनावों को लेकर भी इस बैठक में रणनीति तय की जाएगी। एक अन्य लक्ष्य आगामी महीनों के लिए पार्टी का संगठनात्मक एजेंडा तय करना और राज्य की राजनीतिक व चुनावी चुनौतियों पर रणनीति बनाना है।

सांगठनिक पकड़ पर जोर
फिलहाल भाजपा का मुख्य फोकस संगठन की पकड़ को मजबूत करना है। पार्टी नेताओं के अनुसार संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय बनाने के लिए कार्यसमिति के सभी 106 सदस्यों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी जा सकती हैं। पार्टी का जोर हर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करने पर भी रहेगा।

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हर बूथ, सबसे मजबूत अभियान के तहत जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ विपक्षी दलों के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव बढ़ाने की योजना बनाने पर संगठन विचार कर रहा है।

युवाओं पर फोकस
साथ ही, नई पीढ़ी के सोच और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए उनसे संपर्क और संवाद करने की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। भाजपा जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टी के लिए नई पीढ़ी- विशेषकर जेन जी (1997-2012 के बीच जन्मे) और जेन-अल्फा (2013 के बाद जन्मे बच्चों) को आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों हैं।

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इस पीढ़ी का सोच, भाषा और तकनीक का उपयोग पिछली पीढ़ियों से बिल्कुल अलग है। यह पीढ़ी लंबे भाषण नहीं सुनती। इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉट्स और मोज जैसे एप पर 15 से 30 सेकंड के आकर्षक, रचनात्मक और म्यूजिकल वीडियो के जरिये सरकारी योजनाओं और विचारधारा को इस वर्ग तक पहुंचाया जाएगा।

यूट्यूबर्स, इंफ्लुएसंर्स को जोड़ने की तैयारी
यह भी विचार किया जा रहा है कि पारंपरिक नेताओं के बजाय, मध्य प्रदेश के स्थानीय यू-ट्यूबर, गेमर, ट्रैवल ब्लागर, रील्स मेकर और एजुकेटरों को पार्टी अपने साथ जोड़ सकती है। ये इन्फ्लुएंसर सीधे राजनीति की बात न करके, राज्य के विकास, पर्यटन जैसे ओरछा, खजुराहो का विकास और युवाओं के लिए बनी योजनाओं पर बात करेंगे, जिससे नई पीढ़ी सहज महसूस करे। नई पीढ़ी पर्यावरण को लेकर काफी संवेदनशील है।

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कॉलेज में ग्रीन क्लब, युवा हेल्पलाइन पर भी विचार
'एक पेड़ मां के नाम' जैसी मुहिम को और आधुनिक बनाकर कॉलेज स्तर पर ग्रीन-क्लब्स बनाए जाने का भी विचार है।
एक विचार यह भी आया है कि पार्टी ऐसे प्लेटफॉर्म या हेल्पलाइन तैयार करे, जो राजनीति से दूर युवाओं के मानसिक तनाव, परीक्षा के दबाव और करियर गाइडेंस पर काम करे। इससे पार्टी की छवि युवाओं की चिंता करने वाले एक संगठन के रूप में भी बनेगी।

 

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