तलाकशुदा पत्नी को एलिमनी नहीं दी तो सीधे सैलरी से कटेगी रकम, ओडिशा सरकार का नया आदेश

भुवनेश्वर

ओडिशा की मोहन चरण माझी की सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है. इसका असर सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा. आदेश के मुताबिक, तलाक के बाद अगर कोई कर्मचारी तलाकशुदा पत्नी को एलिमनी देने में आनाकानी करता है, तो इसकी रकम सीधे सैलरी से काटी जाएगी और तलाकशुदा पत्नी के अकाउंट में भेज दी जाएगी। 

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने निर्देश दिया है कि अगर कर्मचारी एलिमनी का भुगतान करने में चूक करते हैं तो उनकी सैलरी से रकम काटकर तलाकशुदा पत्नियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए। 

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क्यों लिया गया यह फैसला?
सीएम ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद राज्य सरकार के कई कर्मचारी अपनी तलाकशुदा पत्नियों या बच्चों को हर महीने गुजारा-भत्ता नहीं दे रहे थे.हर सुनवाई के दौरान ऐसे दो-तीन मामले CM के शिकायत सेल तक पहुंचते हैं। 

बयान में कहा गया है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित कर्मचारियों की सैलरी से यह रकम काटने का आदेश जारी किया है। 

माझी ने कहा कि राज्य सरकार का कर्मचारी होने के नाते, कोर्ट की अवमानना ​​और तलाकशुदा महिलाओं और बच्चों के साथ बुरा बर्ताव करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। 

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कितनी कटेगी सैलरी? कैसे तय होगा
CM के निर्देशों पर, राज्य सरकार ने संबंधित महिलाओं और बच्चों को गुजारा-भत्ता जारी करने के निर्देश दिए हैं। 

CMO ने बताया कि गुजारा-भत्ता भुगतान के लिए कोर्ट का आदेश मिलने के बाद, डिविजनल DDO (ड्राइंग एंड डिसबर्समेंट ऑफिसर) सरकारी कर्मचारी का मासिक सैलरी बिल तैयार करेगा, सैलरी से कोर्ट से तय गुजारा-भत्ते की रकम काटेगा और इसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सीधे तलाकशुदा महिला या बच्चे के बैंक खाते में जमा करेगा। 

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बयान के अनुसार, माझी ने गुजारा-भत्ते के मामलों को शामिल करके राज्य सरकार के ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) में और सुधार करने को भी कहा। 

क्या फायदा होगा इससे?
इसमें आगे कहा गया कि इस कदम से न केवल कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि संबंधित महिलाओं और बच्चों की मुश्किलों को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। 

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