BRICS के बीच भारत-अमेरिका की TRUST पहल, अंडरवाटर केबल मजबूत होने से WhatsApp से UPI तक को फायदा

नई दिल्ली

भारत और अमेरिका ने समुद्र के नीचे बिछे संचार केबलों की सुरक्षा को लेकर नई रणनीतिक साझेदारी शुरू की है. 'TRUST' पहल के तहत दोनों देश समंदर के नीचे केबल नेटवर्क को साइबर हमलों, तोड़फोड़ और भू-राजनीतिक खतरों से सुरक्षित बनाने पर साथ काम करेंगे. यह पहल इसलिए अहम है क्योंकि दुनिया का अधिकांश इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक इन्हीं समुद्री केबलों के जरिए संचालित होता है. इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक संचार की रीढ़ को मजबूती मिलेगी। 

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क्या है TRUST Initiative?
अमेरिका और भारत के बीच शुरू की गई US-India TRUST (Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technologies) पहल का मकसद दोनों देशों के बीच उभरती और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाना है। 

इस पहल के तहत AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है. 

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अंडर सी केबल नेटवर्क पर बढ़ेगा सहयोग
भारत और अमेरिका ने वैश्विक अंडरसी केबल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, मजबूत और विविध बनाने के लिए साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया है. अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, ये केबल वैश्विक इंटरनेट, क्लाउड सेवाओं, डेटा सेंटर और AI आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. दोनों देश इनके संरक्षण और विस्तार के लिए मिलकर काम करेंगे। 

भारत को मिलेगा रणनीतिक फायदा
अमेरिका का मानना है कि भारत की भौगोलिक स्थिति, तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और AI व क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग उसे एक वैश्विक सबसी केबल हब बना सकती है। 

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इसी के साथ दोनों देश AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर निवेश और अगली पीढ़ी की तकनीकों की सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में भी संयुक्त रोडमैप तैयार कर रहे हैं। 

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