ऋषिगालव महाविद्यालय में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता व्याख्यान, पूर्व एनसीसी कैडेट के लेफ्टिनेंट बनने पर भव्य स्वागत

मुरैना
 ऋषिगालव महाविद्यालय में शुक्रवार को टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुरैना स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य अधिकारी अवधेश शर्मा (District Coordinator TB PMDT), योगेंद्र सिंह कुशवाहा (incharge sts tu morena) एवं Govind senthiya (District Coordinator Hindustan wellness ngo ) ने विद्यार्थियों को टीबी रोग के लक्षण, बचाव, जांच एवं उपचार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से टीबी के प्रति स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ समाज में भी जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

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इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य आई. ए. गौरी, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट मुश्ताक अली, प्रोफेसर डॉ. पी. के. चतुर्वेदी, चीफ ऑफिसर प्रदीप शर्मा एवं केयरटेकर अजय कुमार राजपूत और लगभग 150 से अधिक एनसीसी कैडेट उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित एवं लीड करने के लिए 8 एमपी बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी कर्नल सुमित दुआ के आदेश अनुसार  ग्वालियर से हवलदार प्रभु सिंह एवं हवलदार चिरेंद्र सिंह मुरैना पहुंचे। हवलदार प्रभु सिंह ने बताया कि वह अभी मुरैना शहर में दो दिन रहेंगे और एनसीसी कैडेट के साथ और अपनी टीम के साथ मुरैना शहर के हर एक ब्लॉक में घर-घर जाकर टीबी मुक्त भारत अभियान चलाएंगे। 

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इसके पश्चात महाविद्यालय के लिए गौरव का क्षण उस समय आया, जब महाविद्यालय के पूर्व एनसीसी कैडेट सीनियर अंडर ऑफिसर शिवकुमार सिकरवार लेफ्टिनेंट बनने के बाद पहली बार कॉलेज पहुंचे। उनके आगमन पर महाविद्यालय परिवार एवं एनसीसी कैडेटों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य आई. ए. गौरी, प्रोफेसर डॉ. पी. के. चतुर्वेदी एवं एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट मुश्ताक अली ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर एनसीसी से जुड़े कैडेटों एवं विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

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वक्ताओं ने कहा कि किसी पूर्व एनसीसी कैडेट का लेफ्टिनेंट बनकर अपने महाविद्यालय में लौटना वर्तमान कैडेटों के लिए प्रेरणा का विषय है। यह उपलब्धि युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व, समर्पण और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती है।

महाविद्यालय में आयोजित दोनों कार्यक्रमों में एनसीसी एवं महाविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता रही।

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