इंदौर जू में बनेगा अंडरवॉटर टनल एक्वेरियम, 35 करोड़ रुपये होंगे खर्च

इंदौर

इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में प्रदेश का पहला अंडरवाॅटर फिश एक्ववेरियम का काम शुरू हो चुका है। यह करीब डेढ़ एकड़ में बनेगा। इसके लिए प्राणी संग्रहालय में पांच फीट गहराई में खुदाई भी हो चुकी है।

डेढ़ साल में इसके निर्माण को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। दस करोड़ रुपये से अधिक पहले चरण में खर्च किए जाएंगे। दर्शक जब अंडरवाॅटर फिश एक्वेरियम में प्रवेश करेंगे तो उन्हें अपने सिर के उपर से मछलियां और समुद्री जीव तैरते हुए दिखाई देंगे।

इसकी योजना चार साल पहले नगर निगम ने बनाई थी, लेकिन अब उसे मूर्त रुप दिया जा रहा है। नगर निगम के बजट में भी इसकी घोषणा की गई है। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि अंडरवाॅटर फिश एक्वेरियम के बनने से चिडि़याघर के प्रति शहरवासियों का आकर्षण और बढ़ेगा। मनोरंजन शहवासियों को मिलेगा और नगर निगम की आय भी इससे बढ़ेगी। इसके अलावा नगर निगम में 14 डी थिएटर का निर्माण भी जल्दी शुरू होगा।

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इंदौर के प्राणी संग्रहालय (जू) में घूमने का मजा अब दोगुना होने वाला है। जल्द ही शहरवासियों को यहां समुद्र जैसी गहरी और खूबसूरत जलीय दुनिया का अहसास होगा। शहर के जू में एक आधुनिक अंडरवॉटर टनल एक्वेरियम बनाने की रुकी हुई योजना ने अब फिर से रफ्तार पकड़ ली है।

नगर निगम इसे पीपीपी (PPP) मॉडल पर तैयार करने जा रहा है। करीब 35 करोड़ रुपये के बजट वाले इस भव्य प्रोजेक्ट के जरिए लोगों को सिर्फ रंग-बिरंगी मछलियां ही नहीं, बल्कि पेंगुइन, टच पूल और स्नॉर्कलिंग जैसे रोमांचक अनुभव भी मिलेंगे।

पानी के बीच से गुजरती पारदर्शी टनल
    इस पूरे प्रोजेक्ट की जान इसका 'अं
डरवॉटर टनल' होगा, जिसके डिजाइन के लिए लगभग 128 वर्गमीटर की जगह तय की गई है। जब दर्शक इस पारदर्शी टनल से गुजरेंगे, तो उन्हें ऐसा लगेगा जैसे वे खुद पानी के भीतर चल रहे हों और मछलियां उनके चारों ओर तैर रही हों।

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    टनल में स्पष्ट रूप से देखने के लिए खास एक्रेलिक पैनल वाली खिड़कियां लगाई जाएंगी। जलीय जीवों को उनके अनुकूल माहौल देने के लिए पानी को लगातार फिल्टर करने, ऑक्सीजन की सप्लाई, और तापमान नियंत्रित करने वाले बेहद आधुनिक सिस्टम यहां काम करेंगे।

मनोरंजन के साथ शिक्षा का भी बनेगा केंद्र
    नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट और बाद में इसके रखरखाव व संचालन के लिए किसी अनुभवी एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है। जू प्रभारी उत्तम यादव के मुताबिक, इस बार नियमों को थोड़ा लचीला बनाया गया है ताकि काम करने वाली एजेंसी आसानी से मिल सके।

    इस पूरे प्रोजेक्ट को एक से डेढ़ साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि यह एक्वेरियम सिर्फ मछलियां देखने की जगह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे मीठे और समुद्री पानी के जीवों के बारे में जानकारी देने वाले एक बड़े मनोरंजन और शिक्षा केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा।

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पेंगुइन से लेकर स्नॉर्कलिंग तक, मिलेंगी ये शानदार सुविधाएं

इस नए कॉम्प्लेक्स में पर्यटकों के लिए कई विश्वस्तरीय सुविधाएं मौजूद होंगी:

    5 एक्वेरियम हॉल: यहां अलग-अलग प्रजातियों की मछलियों और जलीय जीवों को करीब से निहारने की सुविधा होगी।

    पेंगुइन प्रदर्शनी: 75 वर्गमीटर के एक खास क्षेत्र में पेंगुइन देखने की व्यवस्था की जाएगी।

    टच पूल और स्नॉर्कलिंग जोन: जलीय दुनिया को छूकर महसूस करने के लिए 'टच पूल' और पानी के भीतर का जीवन देखने के लिए 'स्नॉर्कलिंग जोन' भी बनाया जाएगा।

    अन्य आकर्षण: इसके अलावा परिसर में 125 वर्गमीटर का एक पूल वाला तालाब, बेहतरीन तस्वीरों के लिए 'सेल्फी पॉइंट', आगंतुकों के खाने-पीने के लिए 'रेस्टोरेंट' और यादगार तोहफे खरीदने के लिए 'सुवेनियर शॉप' भी मौजूद रहेगी।

 

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