इंदौर मेट्रो की पहली अंडरग्राउंड खुदाई शुरू, 1000 टन की TBM से बनेगी सुरंग

इंदौर
 प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो के एलिवेटेड कॉरिडोर के बाद अब मेट्रो रेल प्रशासन ने अपनी पहली भूमिगत मेट्रो निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया. मंगलवार को शहर के एयरपोर्ट स्थित साइट पर टनल बोरिंग मशीन की मदद से भूमिगत टनल निर्माण का कार्य शुरु हुआ है. यह इंदौर शहर के इतिहास में पहली बार है, जब टनल बोरिंग मशीन ने भूमिगत होकर टनल निर्माण का कार्य शुरू किया है। 

निर्माण कार्य संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त निर्देश
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी टीम को आगामी टनल निर्माण कार्यों में सुरक्षा, गुणवत्ता एवं निर्धारित तकनीकी मानकों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

ये भी पढ़ें :  रुपया कमजोर, GST छूट फीकी: मोबाइल, फ्रिज, एसी, टीवी और लिपस्टिक समेत बढ़ेंगे दाम

उन्नत तकनीक से टनल निर्माण
इंदौर में अंडरग्राउंड तरल की खुदाई के विरोध के चलते भूमिगत निर्माण के दौरान आमजन और आसपास की संरचनाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं. मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक चैतन्य ने बताया, " जमीन और भवनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए विस्तृत इंस्ट्रूमेंटेशन स्क्रीम तैयार की गई है। 

उन्होंने आगे बताया, "इसके अंतर्गत लगाए जाने वाले सेंसर जमीन और भवनों में होने वाले अत्यंत मामूली बदलाव की भी जानकारी विशेषज्ञों को उपलब्ध कराएंगे. इससे आवश्यकता होने पर समय रहते उचित निर्णय लिया जा सकेगा. इस प्रकार सुरंग निर्माण के दौरान आमजन की सुरक्षा, भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और जमीन की स्थिरता की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। 

ये भी पढ़ें :  राज्य सरकार एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में कर रही है स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कैसे काम करती है टीबीएम नर्मदा?
टीबीएम नर्मदा, अर्थ प्रेशर बैलेंस (ईपीबी) मिक्स शील्डतकनीक पर आधारित है. मशीन के आगे बढ़ने के साथ प्री-कास्ट कंक्रीट रिंग्स स्थापित होती जाती हैं. निर्धारित अलाइनमेंट पर सटीक संचालन, गैस मॉनिटरिंग सिस्टम, आपात स्थिति में वन सेकेंड इमरजेंसी स्टॉप, 24×7 कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं टनल निर्माण की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करती हैं। 

ये भी पढ़ें :  पुलिस सैलरी पैकेज योजना कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा

नर्मदा मशीन का कटिंग व्हील 6.65 मीटर व्यास का है और कुल लंबाई लगभग 102 मीटर है. इस मशीन ने 25 अप्रैल 2026 को थाईलैंड में Factory Acceptance Test (FAT) सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके बाद इसे इंदौर लाया गया और साइट पर सावधानीपूर्वक असेंबल करने के पश्चात एयरपोर्ट स्टेशन से लॉन्च किया गया है. सतह से लगभग 20 मीटर तक की गहराई में यह मशीन एयरपोर्ट स्टेशन से भूमिगत टनल का निर्माण करेगी। 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment