शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव
शास्त्री चौक में लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कायस्थ समाज दी श्रद्धांजलि
रायपुर,

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं कायस्थ समाज के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने रायपुर स्थित शास्त्री चौक में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए गौरव और कृतज्ञता का अवसर है। आज राष्ट्र अपने दो महान महापुरुषों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इन दोनों महान विभूतियों ने अपने जीवन और विचारों से देश को नई दिशा प्रदान की।
उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। कद में छोटे होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व विराट था और उनके विचारों में राष्ट्र के प्रति अद्भुत समर्पण था।
श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी शास्त्री जी ने जिस दृढ़ता, साहस और नेतृत्व का परिचय दिया तथा देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि शास्त्री जी के जीवन की अनेक घटनाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। रेल मंत्री रहते हुए रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और ईमानदार सार्वजनिक जीवन का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श केवल राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी हैं।
श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल प्रस्तुत की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें, तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अंत में श्री संजय श्रीवास्तव ने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों एवं समस्त प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी को शत-शत नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव] राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव
शास्त्री चौक में लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कायस्थ समाज दी श्रद्धांजलि
रायपुर, 02 अक्टूबर 2026। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं कायस्थ समाज के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने रायपुर स्थित शास्त्री चौक में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए गौरव और कृतज्ञता का अवसर है। आज राष्ट्र अपने दो महान महापुरुषों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इन दोनों महान विभूतियों ने अपने जीवन और विचारों से देश को नई दिशा प्रदान की।
उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। कद में छोटे होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व विराट था और उनके विचारों में राष्ट्र के प्रति अद्भुत समर्पण था।
श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी शास्त्री जी ने जिस दृढ़ता, साहस और नेतृत्व का परिचय दिया तथा देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि शास्त्री जी के जीवन की अनेक घटनाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। रेल मंत्री रहते हुए रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और ईमानदार सार्वजनिक जीवन का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श केवल राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी हैं।
श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल प्रस्तुत की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें, तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अंत में श्री संजय श्रीवास्तव ने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों एवं समस्त प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी को शत-शत नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
