वाराणसी।
मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। माफिया मिट्टी में मिल गए और विरासत प्रदेश की नई पहचान बन गई। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर इसके उदाहरण हैं। भव्य-दिव्य कुंभ और मथुरा-वृंदावन की चहल-पहल भी नए उत्तर प्रदेश और नए भारत की पहचान है।
मुख्यमंत्री योगी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा के समापन पर सेवा यात्रियों और युवाओं के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर निकाली गई यात्रा में भाजपा युवा मोर्चा के एक हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
गुजरात का अनुभव आज पूरा भारत देख रहा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को गुजरात की धरती पर एक करिश्माई नेतृत्व का आगमन हुआ। उस समय भुज के भूकंप से गुजरात त्रस्त था। कई महीनों तक भूकंप के झटके आते रहे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात फिर खड़ा हुआ और मॉडल स्टेट के रूप में सामने आया।
उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्ष पहले गुजरात से जो यात्रा शुरू की, उसका अनुभव आज पूरा भारत ले रहा है। भारत सुरक्षित और समृद्ध हुआ है तथा वैश्विक मानचित्र पर एक ताकत के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी।
हर गांव और जिले को बनना होगा आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन विकसित और आत्मनिर्भर भारत का है। यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब हर जिला, गांव, कस्बा और राज्य खुद को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा संकल्पों के अभिनंदन के साथ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना का भी एहसास करा रही है। युवाओं की यही ऊर्जा 2047 में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में लगेगी।
सपाई की नजर पड़ते ही जमीन उसकी हो जाती थी
पूर्व की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले जिस जमीन पर माफिया खड़ा हो जाता था, वह उसकी हो जाती थी। जिस जमीन पर किसी सपाई की नजर पड़ जाती थी, मानकर चलिए वह जमीन उसकी हो गई। बेटियां सूर्यास्त के बाद बाहर नहीं निकल सकती थीं और व्यापारी भय के साये में जीने को मजबूर थे। पर्व और त्योहार से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव शुरू हो जाते थे। प्रदेश उस समय पहचान के संकट से गुजर रहा था।

आस्था ने वडनगर को काशी से जोड़ा
यात्रा के जरिए वडनगर से पवित्र जल काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा, जबकि वाराणसी का जल हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अर्पित किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह यात्रा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव को साकार कर रही है। युवाओं ने गर्मी, बारिश और अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करते हुए यात्रा पूरी की।
मुख्यमंत्री योगी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अभियान नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने युवाओं से आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
35,263 किलोमीटर का सफर
वडनगर से काशी तक सेवा संकल्प यात्रा में एक हजार से अधिक कार्यकर्ता 500 बाइक से निकले। 20 रूट पर 35,263 किलोमीटर का सफर तय करते हुए यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों तक पहुंची।
यात्रा के दौरान 25 तरह की गतिविधियों के तहत 1,518 सेवा कार्यक्रम, 13,239 पौधरोपण, 516 स्वच्छता अभियान, 147 लाभार्थी संवाद, 143 युवा संवाद और 122 ग्राम सभाएं हुईं। युवाओं ने सफाई, पौधरोपण और नशामुक्ति अभियान चलाए। प्रधानमंत्री मोदी भी यात्रा के क्रम में युवाओं से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
मोर की रंगोली में विकास की झलक
कार्यक्रम स्थल पर मोर के आकार की विशाल रंगोली में केंद्र और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक कल्याण के संदेश उकेरे गए। मुख्यमंत्री योगी ने महिलाओं और छात्राओं के साथ तस्वीर खिंचवाई और छात्राओं को टॉफी दी। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई और सेवा संकल्प यात्रा पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, रविंद्र जायसवाल, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी और जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य समेत जनप्रतिनिधि, युवा कार्यकर्ता व आमजन मौजूद रहे।
