इंदौर–राघौगढ़ ग्रीनफील्ड फोरलेन का निर्माण अंतिम चरण में, जल्द शुरू होगा यातायात

भोपाल
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-47 (NH-47) पर इंदौर बायपास के एमआर-10 जंक्शन से राघौगढ़ स्थित नेमावर रोड तक 26.6 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर का निर्माण अंतिम चरण में है। ₹1,011 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य इंदौर क्षेत्र में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के साथ इंदौर–हरदा–बैतूल मार्ग के माध्यम से नागपुर की दिशा में आवागमन को बेहतर बनाना है। कॉरिडोर के शुरू होने से वाहन चालकों को अतिरिक्त मार्ग विकल्प मिलेगा, जिससे स्थानीय यातायात और लंबी दूरी की आवाजाही को सुविधा मिलने की उम्मीद है

19 अंडरपास और 27 जंक्शनों से व्यवस्थित होगा यातायात
परियोजना में एक प्रमुख पुल, चार छोटे पुल और 19 व्हीकुलर अंडरपास (VUP) का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, 27 जंक्शनों में सुधार किया जाएगा। अंडरपास के माध्यम से स्थानीय यातायात को सड़क पार करने की सुविधा मिलेगी, जबकि जंक्शनों का उन्नयन विभिन्न दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में सहायक होगा। इन संरचनाओं से मुख्य फोरलेन पर यातायात का प्रवाह बनाए रखने और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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26 किलोमीटर सर्विस रोड से आसपास के गांवों को मिलेगा लाभ
कॉरिडोर के दोनों ओर कुल 26 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का प्रावधान किया गया है। इससे बेगमखेड़ी, खुड़ेल खुर्द, गोगाखेड़ी और मिर्जापुर सहित आसपास के गांवों के निवासियों को बेहतर स्थानीय संपर्क उपलब्ध होगा। सर्विस रोड से ग्रामीण आबादी और सड़क किनारे स्थित प्रतिष्ठानों तक पहुंच आसान होगी। इससे स्थानीय स्तर पर दैनिक आवागमन की जरूरतों को पूरा करने के लिए सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा।

जल निकासी और संरचनात्मक सुरक्षा पर विशेष ध्यान
परियोजना में लगभग 16.4 किलोमीटर लंबी ड्रेनेज व्यवस्था और अतिरिक्त पुलिया संबंधी कार्य शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं से वर्षा के पानी की निकासी सुचारु रखने, जलभराव के प्रभाव को कम करने तथा सड़क संरचना की मजबूती और टिकाऊपन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

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आधुनिक सड़क सुविधाओं से सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
कॉरिडोर पर हाईवे लाइटिंग, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टिव स्टड और सुरक्षा दीवारों जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनसे रात के समय मार्ग की दृश्यता बेहतर होगी और वाहन चालकों को लेन, सड़क की सीमाओं तथा मार्ग की दिशा पहचानने में सुविधा मिलेगी। इन प्रावधानों का उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यात्रा परिस्थितियां उपलब्ध कराना है।

माल परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन
इंदौर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्र है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से हरदा और बैतूल की दिशा में सड़क संपर्क बेहतर होगा तथा नागपुर की ओर जाने वाले यातायात को भी लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर मार्ग विकल्प से माल की आवाजाही अधिक सुगम बनाने और परिवहन में लगने वाले समय एवं वाहनों की परिचालन लागत में संभावित कमी लाने में मदद मिल सकती है। इससे क्षेत्रीय व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और उन्नयन के माध्यम से सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने तथा सुरक्षित एवं कुशल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर–राघौगढ़ ग्रीनफील्ड फोरलेन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिससे क्षेत्रीय आवागमन और माल परिवहन को बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है।

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