तकनीक की नई संभावनाओं को जनहित, न्याय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना सबसे बड़ी आवश्यकता: सीएम

तकनीक की नई संभावनाओं को जनहित, न्याय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना सबसे बड़ी आवश्यकता: सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर पोस्ट कर ‘टेकसंगम 2026’ की बताई विशेषता

साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान व प्रशिक्षित मानव संसाधन को बढ़ावा देना जरूरी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने देशवासियों को उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य-संस्कृति से कराया अवगत

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद फॉरेंसिक विज्ञान एवं साइबर सुरक्षा क्षेत्र में आए बदलाव को भी रेखांकित किया 

लखनऊ,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक की नई संभावनाओं को जनहित, न्याय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान व प्रशिक्षित मानव संसाधन को बढ़ावा देना जरूरी है।

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टेकसंगम 2026: एक महत्वपूर्ण अवसर
सीएम ने शनिवार को सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि आज उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS), लखनऊ में आयोजित ‘टेकसंगम 2026’ में प्रतिभाग करूंगा। एआई, साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित यह आयोजन तकनीकी नवाचार को नागरिक सुरक्षा, प्रभावी न्याय व्यवस्था व डिजिटल ट्रस्ट से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य-संस्कृति का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य-संस्कृति का प्रतीक बताया। कहा कि वर्ष 2017 से पहले देश की सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश में केवल 2 साइबर थाने और 4 फॉरेंसिक लैब थीं। विज्ञान और तकनीक की संभावनाओं का पर्याप्त उपयोग न होने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के अभाव में अपराधियों को कानून से बच निकलने का अवसर मिलता था। कन्विक्शन रेट 30 प्रतिशत से भी कम था।

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युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने की दिशा में कार्य किया। आज सभी 75 जनपदों में साइबर थाने हैं और प्रत्येक मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। तकनीकी संसाधनों एवं वैज्ञानिक जांच की क्षमता के विस्तार से साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने और अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को मजबूती मिली है। कन्विक्शन रेट में वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान एवं साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। तकनीक आज प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने के साथ युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का माध्यम बन रही है। 

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अनुसंधान, शिक्षा व उद्योग के बीच सहयोग
मुख्यमंत्री ने लिखा कि देश-विदेश के वैज्ञानिकों
, तकनीकी विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, विधि विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने वाला यह आयोजन साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता एवं उभरती तकनीकों के उत्तरदायी उपयोग पर सार्थक विमर्श के साथ अनुसंधान, शिक्षा व उद्योग के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगा। भारत को उभरती तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने और उनके माध्यम से नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में यह संगम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा आत्मनिर्भर भारत के सामर्थ्य से विकसित भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।

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