सीएम मोहन यादव का आज किसी भी जिले में हो सकता है औचक दौरा, सभी कलेक्टर अलर्ट

भोपाल 
मध्य प्रदेश जनविश्वास अभियान (CM Jan Vishwas Abhiyan) के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पहला औचक दौरा शुक्रवार को होगा। वे किसी भी जिले में अचानक पहुंच सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उक्त दौरे को गोपनीय रखने का प्रयास किया है, हालांकि सभी जिलों के कलेक्टरों को एक दिन पहले गुरुवार को कह दिया था कि वे अपने-अपने जिलों में मैदान में रहें। जन विश्वास अभियान की मंशा के अनुरूप जिले के अफसर जनता के पास जाएं, उनकी मुश्किलों को सुनें और दूर करें। असल में जन विश्वास अभियान की शुरुआत 7 अगस्त को हुई थी।

ये भी पढ़ें :  10 दिसम्बर के पहले सरकार लाड़ली बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की 19वी किस्त के 1250 रुपए भेजेगी !

इसमें मंत्री, तय किया किया था था कि कि मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव और विभागों के एसीएस, पीएस, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिलों के जिला स्तर के अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार जनता के बीच जाएंगे। उन्हें सुनेंगे, मौके पर उनकी मुश्किलों मुश्किलों को को हल हल करेंगे। इस अनुरूप मुख्यमंत्री जिलों में पहुंचे, मंत्रियों ने भी जाना शुरू किया। अफसर भी गए। 6 महीने तक उक्त प्रारूप में ही जनविश्वास अभियान को आगे बढ़ाना था लेकिन सरकार ने बीच में ही निर्णय लिया और मुख्यमंत्री ने तय किया कि वे जिलों मैं औचक औचक पहुंचकर केंद्र व केंद्र व राज्य की योजनाओं की प्रगति देखेंगे, लोगों से मिलेंगे, जनप्रतिनिधियों को सुनेंगे, ताकि सरकार को और अधिक वास्तविकता पता चल सके।

ये भी पढ़ें :  छतरपुर के डायल-112 हीरोज पिकअप पलटने से घायल 08 व्यक्तियों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

सीधा संवाद, फीडबैक और फिर कार्रवाई
सीएम जिस भी जिले में उतरेंगे, वहां जनता व जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे, करेंगे, फीडबैक प लेंगे। गंभीर फीडबैक मिलने पर उसका अलग टीमों से परीक्षण कराएंगे, खामी मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पहले ये होता था…
मुख्यमंत्री कार्यालय से एक सप्ताह पहले संबंधित कलेक्टर को बताया जाता था कि मुख्यमंत्री उनके जिले में जनविश्वास शिविर करेंगे। इस आधार पर की कलेक्टर के स्तर पर तैयारियां जाती थी, संवाद के लिए सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों पर शिकायत कर चुके लोगों को संवाद के लिए चुना जाता था, मुख्यमंत्री ऐसे लोगों से प्रत्यक्ष मिलते थे, उनकी बात सुनते थे और अफसरों की गलती मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते थे। बड़वानी, बैतूल, छिंदवाड़ा, हरदा में किए गए जनविश्वास अभियान के बाद कई अफसरों व कर्मियों पर गाज भी गिर चुकी है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment