यूपी में SIR को लेकर BJP की नई रणनीति, छूटे मतदाताओं के नाम जुड़वाने पर जोर

लखनऊ
 विपक्ष एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) के बहाने भले ही भाजपा पर हमलावर है, लेकिन चिंता दूसरे खेमे में भी कम नहीं है। प्रदेश कार्यसमिति के अगले दिन शनिवार को भाजपा ने कार्यालय पर बैठक कर एसएसआर के जरिए पात्र मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए रणनीति बनाई गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में यह कहकर कार्यकर्ताओं को आगाह किया था कि एसआईआर में 1.27 करोड़ हिंदुओं के वोट कटे हैं, जो नगरीय निकायों की 28 सीटों की स्थिति कमजोर करती है।

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मुख्यमंत्री ने कार्यसमिति में कहा था, सूची से कट गए 1.27 करोड़ से ज्यादा हिंदुओं के नाम
योगी ने कहा था कि गायब नामों में 66 लाख ऐसे लोग हैं, जिनका नाम पंचायत की सूची बना हुआ है। सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे 55 लाख से ज्यादा लोगों की उपस्थिति मतदाता सूची में नहीं दिखती। आगाह किया कि 45 सीटों में जीत-हार का अंतर बहुत कम है, ऐसे में सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने पिछले दिनों भी वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश भर के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से एसआईआर को लेकर संवाद किया था।

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प्रदेश नेतृत्व ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के तहत प्रक्रिया तेज करने के लिए कहा
सीएम ने कहा है कि कमल साथी एप के माध्यम से पात्र मतदाताओं का नाम जुड़वाने में तेजी लानी चाहिए। भाजपा के प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल ने कहा कि एसएसआर के तहत बूथ लेवल अफसर घर-घर जाकर सत्यापन करते हैं। वोटर लिस्ट से छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करना, गलतियों को सुधारना और ऐसे मतदाताओं की पहचान करना जिनका नाम दो-दो जगह हैं। उन नामों की जानकारी लेना, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं। पार्टी कार्यकर्ता प्रक्रिया का पालन करते हुए मतदाताओं को जोड़ेंगे।

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