शराब माफिया के विरुद्ध निडरता के साथ प्रभावी कार्रवाई करें पुलिस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रील बनाने से अधिक रियल प्रॉब्लम सुलझाने पर ध्यान दें युवा पुलिस अधिकारी
पुलिस अधिकारी गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए करें देवदूत की तरह कार्य

वर्ष 2029 तक प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य में पुलिस की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
म.प्र. पुलिस अकादमी भौंरी में 12 करोड़ की लागत से बनेगा ऑडिटोरियम
विद्युत सब स्टेशन और एप्रोच रोड भी बनाई जाएगी
44वें एवं 45वें बैच के पास आउट हुए 48 उप-पुलिस अधीक्षकों में 20 महिला अधिकारी शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. पुलिस अकादमी भौंरी में दीक्षांत परेड समारोह को किया संबोधित

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा पुलिस अधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए रील बनाने से अधिक रियल प्रॉब्लम सुलझाने पर ध्यान दें। सोशल मीडिया का उपयोग आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उनकी सहायता के लिए करें। पुलिस अधिकारी गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए देवदूत की तरह कार्य करें। ऐसे अधिकारी बनें, जिनका सम्मान समाज के प्रत्येक वर्ग में हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी के परेड ग्राउंड में मंगलवार को आयोजित 44वें एवं 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व दीक्षांत परेड समारोह में राष्ट्रीय निशान टोली के आगमन के साथ पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान 'जन गण मन' की धुन प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद नव प्रशिक्षित अधिकारियों ने अनुशासन, समर्पण और कर्तव्य निष्ठा का परिचय देते हुए सधे हुए कदमों और उत्कृष्ट तालमेल से परेड मार्च किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड की सलामी लेकर निरीक्षण किया। परेड में अधिकारियों ने प्रदेश और राष्ट्र की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षु अधिकारियों के परिजन उपस्थित थे।

युवा अधिकारियों पर है प्रदेश की सुरक्षा और नागरिकों की सेवा की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के 48 प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण पूर्ण कर प्रदेश की सेवा के लिए तैयार हैं। यह युवा अधिकारियों के लिए पब्लिक सर्विस में प्रवेश का महत्वपूर्ण अवसर है। पुलिस सेवा में आने के साथ ही उनके कंधों पर प्रदेश की सुरक्षा और नागरिकों की सेवा की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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लगातार बदल रही हैं अपराध की चुनौतियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी तत्परता, कर्तव्य निष्ठा और साहस से उत्कृष्ट प्रतिमान स्थापित किए हैं। प्रदेश का चंबल और रीवा अंचल दशकों तक दस्यु समस्या से प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस ने अपनी कुशल कार्य क्षमता से इसका उन्मूलन किया। इसके बाद नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाकर प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के वीर जवानों ने निर्धारित समय-सीमा से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने में सफलता प्राप्त की। मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि अपराध की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। युवा पुलिस अधिकारी आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करें और अपने कर्तव्य के मार्ग पर ऐसा जीवन जिएं, जो समाज के लिए आदर्श बने।

मध्यप्रदेश वर्ष 2029 तक बनेगा नशा मुक्त राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने दस्यु समस्या और नक्सलवाद के बाद अब नशे के खिलाफ बड़ी मुहिम शुरू की है। प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान में सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अवैध शराब के कारोबार और शराब माफिया के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी अवैध शराब के तंत्र को ध्वस्त करेंगे। उन्होंने पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना से कहा कि प्रदेशभर में शराब माफियाओं के विरुद्ध निडर होकर कठोर कार्रवाई करें। हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बलिदानियों के योगदान और साहस का सदैव स्मरण रखेगी। हमारे कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बल पर राज्य सरकार निश्चित रूप से सभी उद्देश्यों की पूर्ति करेगी।

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पुलिस विभाग में निरंतर जारी है भर्ती प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के कल्याण की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17 हजार 710 पदों पर भर्ती की है। कुल 22 हजार 500 पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। नव नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों का प्रशिक्षण निरंतर जारी है। सरकार ने पुलिस विभाग में पदोन्नति के माध्यम से भी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया है। नक्सल विरोधी अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया है। इससे पुलिस बल में उत्साह और उमंग का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारियों के सामने वास्तविक चुनौतियां आने पर ही उनके प्रशिक्षण की परीक्षा होती है। पुलिस अकादमी में प्राप्त प्रशिक्षण उन्हें फील्ड में बेहतर कार्य करने में सहायक होगा।

पुलिस प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अकादमी भौंरी में 12 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनाने, विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने और एक किलोमीटर लंबे एप्रोच रोड के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।

पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति वर्दी, अधिकार और संसाधन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है : पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना
पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि यूनिफॉर्म सर्विस में पासिंग आउट परेड अधिकारी के जीवन की महत्वपूर्ण स्मृति होती है। वर्ष 2014 से डीएसपी स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण भोपाल स्थित भौंरी पुलिस अकादमी में कराया जा रहा है। इस बार 48 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया है, जिनमें 20 महिला अधिकारी शामिल हैं। अकादमी में पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया गया है। ये अधिकारी पुलिस की तकनीकी क्षमताओं और सायबर अपराधों से मुकाबले को मजबूती प्रदान करेंगे। प्रशिक्षु अधिकारियों में 22 इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं।

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सायबर अपराधों के खिलाफ तकनीकी क्षमता बढ़ाना जरूरी
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना ने कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। सायबर और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग से पुलिस के सामने नई चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। पुलिस विभाग ने नागरिकों को जागरूक करने के लिए सेफ क्लिक अभियान चलाया है। सायबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सायबर थानों, सायबर हेल्प डेस्क, सायबर फॉरेंसिक और सायबर हेल्पलाइन जैसी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में नशे का बढ़ता चलन भी गंभीर चुनौती है। मध्यप्रदेश पुलिस ने 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान के तहत कार्रवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में नवागत पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने जवानों के अदम्य साहस और वीरता से नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति वर्दी, अधिकार और संसाधन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। यह निष्पक्षता और न्यायपूर्ण कार्रवाई से अर्जित होता है। सभी अधिकारी कर्तव्य के प्रति समर्पण, नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता, संविधान के प्रति निष्ठा और कानून के प्रति सम्मान बनाए रखें। उन्होंने फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए जारी एसओपी का पालन करने और ड्यूटी के साथ अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने के निर्देश दिए।

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