इंदौर मेट्रो की अंडरग्राउंड टनल में उतरे मंत्री, एक दिन में 11 रिंग लगाकर बनाया रिकॉर्ड

इंदौर
 मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो के विस्तार के लिए अंडरग्राउंड टनल बनाने का काम तेजी से चल रहा है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार 4 नवंबर को एयरपोर्ट रोड पर मेट्रो की निर्माणाधीन अंडरग्राऊंड टनल का दौरा कर निर्माण कार्य की विस्तार से समीक्षा की. टनल के निर्माणाधीन कार्य की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, सामान्य स्थितियों में टनल के अंदर डाली जा रही रिंग आठ से लेकर नौ प्रतिदिन चढ़ाई जाती है, लेकिन यहां पर कार्यरत टीम ने एक दिन में 11 रिंग चढ़ाकर रिकॉर्ड बनाया है, क्योंकि इन सभी को कार्य समय पर पूर्ण करना है। 

20 मीटर गहराई में टनल निर्माण
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आगे बताया कि, ''हमारे यहां पर टनल निर्माण के लिए विश्व की सबसे एडवांस उच्च तकनीक की मशीनें लाई गई हैं. टनल निर्माण का कार्य काफी तेजी से चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण पूर्ण होने में दो साल का वक्त लगेगा. अभी तक 90 मीटर की टनल बन चुकी है. 20 मीटर गहराई में टनल बनाई जा रही है। 

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मिठाई खिलाकर दिवाली की शुकामनाएं
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो टनल के जनरल मैनेजर राजपूत एवं इंजीनियरों के साथ बैठक कर टनल के निर्माण कार्यों की जानकारी ली. इस अवसर पर उन्होंने टनल के कार्य में लगे हुए टेक्निशियन और वर्कर्स की प्रशंसा की और सभी को दिपावली की शुकामनाएं देते हुए उनको मिठाई खिलाई। 

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सुरक्षित तरीके से हो रही है खुदाई
मेट्रो रेल कंपनी के अध्यक्ष एस कष्ण चैतन्य ने बताया, "जमीन और भवनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए विस्तृत इंस्ट्रूमेंटेशन स्क्रीम तैयार की गई है. इसके अंतर्गत लगाए जाने वाले सेंसर जमीन अथवा भवनों में होने वाले अत्यंत मामूली बदलाव की भी जानकारी विशेषज्ञों को उपलब्ध कराएंगे. इससे आवश्यकता होने पर समय रहते उचित सुधारात्मक कार्रवाई लिया जा सकेगा. इस प्रकार सुरंग निर्माण के दौरान आमजन की सुरक्षा, भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और जमीन की स्थिरता की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। 

EPB तकनीक से टनल निर्माण
टीबीएम नर्मदा पृथ्वी का दबाव संतुलन तकनीक पर आधारित है. मशीन के आगे बढ़ने के साथ प्री-कास्ट कंक्रीट रिंग्स स्थापित होती जाती हैं. निर्धारित अलाइनमेंट पर सटीक संचालन, गैस मॉनिटरिंग सिस्टम, आपात स्थिति में वन सेकेंड इमरजेंसी स्टॉप और कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं टनल निर्माण की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करती हैं। 

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नर्मदा मशीन का कटिंग व्हील 6.65 मीटर व्यास का है और कुल लंबाई लगभग 102 मीटर है. इस मशीन ने 25 अप्रैल 2026 को थाईलैंड में Factory Acceptance Test (FAT) सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके बाद इसे इंदौर लाया गया और साइट पर सावधानीपूर्वक असेंबल करने के पश्चात एयरपोर्ट स्टेशन से लॉन्च किया गया है. सतह से लगभग 20 मीटर तक की गहराई में यह मशीन एयरपोर्ट स्टेशन से भूमिगत टनल का निर्माण कर रही है। 

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