नसरल्लाह मरने से पहले इजरायल से समझौते पर सहमत था, लेबनान के मंत्री का दावा

तेहरान

इजरायली हवाई हमले में मारा गया हिजबुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह अपनी मौत से पहले इजरायल के साथ युद्धविराम चाहता था। लेबनान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बौ हबीब ने कहा है कि नसरल्लाह हवाई हमले में मारे जाने के कुछ दिन पहले ही युद्धविराम के लिए मान गए थे। उन्होंने कहा कि अपने युद्धविराम के इस फैसले के बारे में उन्होंने अमेरिकी और फ्रांसीसी प्रतिनिधियों को भी बता दिया था।

सीएनएन को दिए अपने इंटरव्यू में हबीब ने कहा कि हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह 21 दिनों के सीजफायर के लिए मान गए थे। लेबनानी संसद के स्पीकर नबीह बेरी ने नसरल्लाह से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने जंग रोकने के लिए अपनी सहमति जताई थी। इसके बाद बेरी ने अमेरिकी और फ्रांसीसी प्रतिनिधियों को यह जानकारी दी थी कि हिजबुल्लाह युद्धविराम के लिए तैयार है। लेबनानी विदेशमंत्री ने यह दावा किया कि हमें यह सूचना मिली थी कि इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी सीजफायर के लिए तैयार हैं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना मन बदल लिया और हमारी जमीन पर हमला करना जारी रखा।

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दरअसल, 27 सितंबर को हुए इस हमले के पहले न्यूयॉर्क में बाइडन और मैक्रों की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों ने मिलकर 25 सितंबर को 21 दिनों के सीजफायर को लेकर अपना प्लान रखा था। लेकिन नेतन्याहू ने इस प्लान को खारिज कर दिया और पूरी ताकत के साथ लड़ाई जारी रखने का आदेश दिया, विशेषज्ञों के मुताबिक पेजर और अन्य संचार संसाधनों में हुए विस्फोट के बाद हिजबुल्लाह बैकफुट पर था, नेतन्याहू नहीं चाहते थे कि उसे संभलने का कोई भी मौका दिया जाए।

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हमले के वक्त अपने दहियाह के खुफिया बंकर में था नसरल्लाह

हबीब ने बताया कि हमले के वक्त नसरल्लाह दहियाह के दक्षिणी इलाके में एक बंकर में था उसी वक्त वह इजरायली हवाई हमले का शिकार हो गए। इससे पहले जब हिजबुल्लाह ने नसरल्लाह की मौत की पुष्टि की थी तो उनकी तरफ से यह नहीं बताया गया था कि नसरल्लाह की मौत का कारण क्या है। रॉयटर्स के मुताबिक उसके शरीर पर कोई घाव नहीं था, उसके शरीर को देखकर ऐसा लगता है कि विस्फोट की तीव्रता से अंदरूनी चोट की वजह से उसकी मौत हुई।

ईरान के सर्वोच्च नेता ने दी थी लेबनान छोड़ने की सलाह

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रॉयटर्स ने बुधवार को एक रिपोर्ट में बताया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने इजरायली हमले में मारे जाने के कुछ दिन पहले ही नसरल्लाह को लेबनान से भाग जाने की चेतावनी दी थी। पेजर हमलों में हिजबुल्लाह के सदस्यों की मौत के बाद खामेनेई ने एक दूत के साथ नसरल्लाह को ईरान आने के लिए कहा था,जिसमें खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया था कि इज़राइल के पास हिजबुल्लाह के भीतर गुर्गे थे और वह उसे मारने की योजना बना रहा था। ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि खामेनेई ने दूत के रूप में एक वरिष्ठ ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल अब्बास निलफोरुशान थे, जो बंकर में नसरल्लाह के साथ मारे गए थे।

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