भोपाल में पहले जहां मछलीघर हुआ करता था, अब वहाँ बनेगा बड़ा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर

भोपाल
राजधानी का पहला बड़ा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के पास मार्च 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग इसका निर्माण कर रहा है, जिस पर करीब सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें दो हजार से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक सभागार, ठहरने और भोजन की सुविधा के साथ एक कन्वेंशन सेंटर के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं होंगी।

पर्यटन विभाग भारत सरकार की पूंजी निवेश योजना के लिए राज्यों को विशेष सहायता के तहत परियोजना के लिए राशि की व्यवस्था कर रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटीडीसी) के प्रबंध निदेशक डा. इलैयाराजा टी ने बताया कि हमने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है और जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

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इस परियोजना का उद्देश्य शहर में एमआइसीइ पर्यटन (बैठकें, सम्मेलन और प्रदर्शनियों)को बढ़ावा देना है।केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने भारत में देश- विदेश के कारपोरेट और अन्य लोगों द्वारा सम्मेलन,बैठक और प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए एक पसंदीदा गंतव्य विकसित करने के लिए 2022 में एक राष्ट्रीय रणनीति शुरू की थी।

इसी तहत इस परियोजना की रूपरेखा बनाई गई है। एमआइसीइ, बिजनेस टूरिज्म का एक रूप है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को किसी गंतव्य की ओर आकर्षित करता है।एमआइसीइ सेंटर के रूप में राजधानी में अभी मिंटो हाल है,जिसे अब कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के नाम से जाना जाता है, परंतु मिंटो हाल की क्षमता सिर्फ आठ सौ लोागों के बैठने की है। इसमें एक रेस्तरां है, लेकिन प्रतिनिधियों के लिए आवास नहीं हैं।
एमआइसीई पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरेगा भोपाल

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मप्र पर्यटन बोर्ड के संयुक्त निदेशक (योजना) प्रशांत बघेल ने बताया कि प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर में दो हजार लोागों से अधिक की बैठक क्षमता वाला एक मुख्य सभागार होगा। ऐसे कमरे होंगे जहां प्रतिनिधि रुक सकेंगे, डाइनिंग हाल, रेस्तरां, प्रदर्शनी हाल, गैलरी और बड़े सम्मेलन, बैठकें और प्रदर्शनियां आयोजित करने के लिए अन्य सुविधाएं होंगी।

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नया सेंटर कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर से सटी जमीन पर बनेगा,जहां पहले मछलीघर हुआ करता था। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि देश के मध्य में स्थित होने और बेहतरीन रेल और हवाई संपर्क के कारण भोपाल में एमआइसीई पर्यटन के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरने की क्षमता है।शहर कई औद्योगिक क्षेत्रों से घिरा हुआ है,जहां कई प्रमुख कंपनियों के विनिर्माण संयंत्र हैं।

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