थाना बमीठा पुलिस ने हाईवे किनारे से करीब सवा 3 किलो गांजा जप्त कर 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

छतरपुर

छतरपुर पुलिस द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अवैध मादक पदार्थ जप्त कर आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है, अवैध मादक पदार्थ गांजा की विधिवत विनिष्टीकरण की कार्यवाही की जा रही है।
थाना बमीठा पुलिस को रोड पेट्रोलिंग के दौरान फोरलेन हाईवे के किनारे ग्राम घूरा में अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी की सूचना प्राप्त हुई। थाना बमीठा पुलिस त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर पहुंची।

ये भी पढ़ें :  रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और 'डिजिटल फर्जीवाड़े' का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी 'अंधेरगर्दी': लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: "राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल" पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'डिजिटल सेंधमारी' को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

छतरपुर पन्ना हाईवे के किनारे ग्राम घूरा में दो व्यक्ति जो बोरी लिए खड़े थे, पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, संदेह के आधार पर घेराबंदी कर पकड़ा गया। बोरी की तलाशी लेने पर अवैध मादक पदार्थ गांजा भरा था। अवैध मादक पदार्थ गांजा मात्रा करीब सवा 3 किलोग्राम कीमत करीब 50000 रुपए जप्त कर दोनों आरोपी को अभिरक्षा में लिया गया।

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अवैध मादक पदार्थ बेचने की फिराक में घूम रहे दो आरोपी
1. अखिलेश उर्फ धनीराम पटेल पिता मुन्नीलाल पटेल ग्राम रिछाई थाना बमीठा
2. बबलू कुशवाहा पिता रामदीन कुशवाहा ग्राम नयागांव थाना खजुराहो
के विरुद्ध  एनडीपीएस एक्ट के अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी के विरुद्ध थाना सिविल लाइन छतरपुर में अवैध शराब का प्रकरण पूर्व से पंजीबद्ध है। अभियुक्तों को न्यायालय पेश किया जा रहा है। विवेचना कार्यवाही जारी है।
उक्त कार्यवाही में एसडीओपी खजुराहो श्री सलिल शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बमीठा उप निरीक्षक मोहर सिंह, उप निरीक्षक हरदेव सिंह , उप निरीक्षक एम एल मरावी, प्रधान आरक्षक राजेश पाठक रामकृपाल आरक्षक उदय, निकेश, भानु पटेल की भूमिका रही।

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