‘खुद की काबिलियत पर होता था शक’, डरबन नें शतक जड़ने के बाद संजू सैमसन ने किया खुलासा

डरबन.
टी20 विश्व कप चैंपियन टीम इंडिया अब इस फॉर्मेट के लिए एक नई टीम तैयार करने की राह पर है, क्योंकि रोहित शर्मा समेत कई सीनियर खिलाड़ियों ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में टी20 सीरीज के पहले मैच में 107 रनों की शानदार पारी खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। लंबे समय तक टीम इंडिया से अंदर-बाहर होते रहे संजू सैमसन अब अपनी जगह पक्की करते दिख रहे हैं।

2015 में अपने टी20 डेब्यू के बाद से सैमसन ने हर पोजीशन पर बल्लेबाजी की, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। ओपनिंग बैटिंग के लिए प्रमोट किए जाने के बाद से सैमसन ने हैदराबाद और अब डरबन में 47 गेंदों पर शतक लगाकर अपनी लय हासिल कर ली है। डरबन में शुक्रवार के खेल में सैमसन पुरुषों के टी20 में लगातार दो शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज और कुल मिलाकर चौथे बल्लेबाज बने। उनकी पारी में सात चौके और 10 छक्के शामिल थे, जिससे मेहमान टीम ने 61 रनों से शानदार जीत हासिल की।

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सैमसन ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मेरे करियर में सफलता से ज्यादा असफलताएं मिली हैं। जब आप असफलताओं से गुजरते हैं, तो आप खुद पर संदेह करने लगते हैं। लोग जाहिर तौर पर कुछ न कुछ कहते रहते हैं, सोशल मीडिया निश्चित रूप से अपनी भूमिका निभाता है और फिर आप भी उसके बारे में सोचना शुरू कर देते हैं।”

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उन्होंने आगे कहा कि यह ऐसा था जैसे ‘संजू, क्या तुम अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए नहीं बने हो? तुम आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हो, यह अंतर्राष्ट्रीय (क्रिकेट) में क्यों नहीं हो रहा है?’ मेरे मन में कई विचार थे, लेकिन इतने सालों के अनुभव के बाद, मैं अपनी क्षमताओं को जानता हूं।

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दाएं हाथ के बल्लेबाज सैमसन ने आगे कहा, “अगर मैं मैदान पर कुछ समय बिताता हूं, तो मुझे पता है कि मेरे पास स्पिन और तेज गेंदबाजों के खिलाफ शॉट बनाने की क्षमता है। और मुझे पता है कि मैं टीम की सफलता में योगदान दे सकता हूं और उन्हें मैच जीतने में मदद कर सकता हूं। मैं खुद से कहता रहा, ‘नहीं, ऐसा नहीं है। यह भी एक वास्तविकता है।’ बहुत सारी गिरावट हो रही हैं, लेकिन सकारात्मक पक्ष भी बहुत अच्छा है।”

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